चंडीगढ़: IDFC फर्स्ट बैंक में एफडी की धोखाधड़ी और पंचकूला नगर निगम के साथ कोटक महिंद्रा बैंक में हुए फर्जीवाड़े को लेकर सरकार एक्शन मोड में है. एक तरफ बैंक फ्रॉड के मामले में सरकार ने दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया. वहीं कोटक महिंद्रा बैंक को डी इंप्लीमेंट करके कड़ा संदेश भी दिया. इस सबके बीच अब बैंक फ्रॉड के मामले पर सीबीआई ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है.
बैंक घोटालों पर क्या बोले सीएम? इन मामलों को लेकर सरकार के एक्शन के सवाल पर सीएम नायब सैनी ने कहा कि “IDFC बैंक घोटाले का मुद्दा विपक्ष ने भी विधानसभा में उठाया था. तब मैंने कहा था 24 घंटे के अंदर पैसा वापस आएगा और आया भी. कोटक महिंद्रा बैंक घोटाले का पैसा भी वापस आ गया है. हमने एक कमेटी बनाई गई थी. बैंक घोटाले को लेकर एंटी करपशन ब्यूरो की तरफ से भी जांच की जा रही थी. जांच में जो सामने आया उसके बाद कार्रवाई भी की है. अब इस मामले की जांच CBI को चली गई है.”
तबादलों को बताया रुटीन की प्रक्रिया: सीएम से सवाल पूछा गया कि सरकार ने अचानक से कई आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं. क्या वो इस मामले से जुड़े हैं? इस पर सीएम ने कहा कि IAS अधिकारियों का ट्रांसफर रुटीन की प्रक्रिया है. बैंक घोटाले की जांच चल रही है. मामला गंभीर है. जनता के प्रति हम जवाबदेह हैं. इसलिए सीबीआई मामले की जांच कर रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने की सख्त कार्रवाई की मांग: कांग्रेस हरियाणा अध्यक्ष राव नरेंद्र ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि “हमने पहले भी ये मुद्दा उठाया था और सीबीआई जांच की मांग की थी. अच्छी बात है कि ये कार्रवाई हुई है. मेरा मानना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, वो चाहे कर्मचारी हो, अधिकारी हो या अन्य कोई बड़ा व्यक्ति. जो भी इसमें शामिल है. उसका चेहरा बेनकाब होना चाहिए, ये बहुत बड़ा घोटाला है. सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और तुरंत होनी चाहिए़.”
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