ओंकारेश्वर | प्रशासनिक एवं दुर्घटना समाचार
तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में हुए नाव हादसे के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। नाव दुर्घटना के बाद प्रशासन ने दो दिन के लिए नाव संचालन पूर्णतः बंद कर दिया है। समिति की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की ठोस कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश के बाद डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव व राजस्व निरीक्षक नीरज रावत सहित अन्य कर्मचारियों ने ब्रह्मपुरी घाट पर कड़कती भीषण गर्मी में सघन जांच अभियान चलाया।
🚫 35 नावों की हुई चेकिंग, 50 खराब लाइफ जैकेट किए गए जब्त
राजस्व निरीक्षक नीरज रावत ने बताया कि कुल 279 में से 35 नौकाओं की आकस्मिक जांच की गई, जिसमें से 50 खराब लाइफ जैकेट जब्त किए गए हैं। साथ ही गुणवत्ता वाले लाइफ जैकेट और नाव की संपूर्ण सामग्री की व्यवस्थित जांच की गई। नगर परिषद सीएमओ मोनिका पारधी ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में संचालित सभी नावों की लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, फिटनेस और लाइसेंस की सघन जांच की जाए, ताकि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित हो सके।
🛶 शुक्रवार को पलटी थी नाव, 4 सदस्यीय जांच दल 3 दिन में सौंपेगा रिपोर्ट
ज्ञात हो कि ओंकारेश्वर में शुक्रवार को नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया था, जिसमें नाव में सवार 10 श्रद्धालु नर्मदा नदी में डूब गए थे। प्रशासन और स्थानीय नाविकों की त्वरित कार्यवाही से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। गंभीर रूप से घायल 2 श्रद्धालुओं की जान भी समय पर उपचार मिलने से बच गई। घटना को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ऋषव गुप्ता के निर्देश पर 4 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है। यह जांच दल 3 दिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट एसडीएम पंकज वर्मा को प्रस्तुत करेगा, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
🌊 नाविक संघ की सफाई: ‘जलस्तर में अचानक बदलाव से होती है घटना’
प्रशासन की इस कार्रवाई पर नाविक संघ के पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। नाविक संघ अध्यक्ष कैलाश भंवरिया ने हादसे का कारण पानी के असंतुलित स्तर को बताया। उनका कहना है कि बांध से पानी छोड़ने की सूचना समय पर नहीं मिलने से नाव का संतुलन बिगड़ जाता है और जलस्तर कम-ज्यादा होने के कारण ऐसी घटना होती है। उन्होंने कहा कि हमारी जीविका का साधन ही नर्मदा में नाव चलाना है, लेकिन घटना होने पर प्रशासन एकतरफा कार्यवाही करता है। संघ ने प्रशासन से बेहतर समन्वय और व्यवस्थाओं की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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