खंडवा/बोरगांव | अपराध एवं पुलिस समाचार
उप पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री मनोज कुमार राय द्वारा जिले के समस्त चौकी एवं थाना प्रभारियों को अवैध रूप से गोवंश का परिवहन करने वाले अपराधियों की धरपकड़ एवं सख्त कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुपालन में बोरगांव पुलिस ने गोवंश तस्करों पर बड़ी स्ट्राइक करते हुए 19 गोवंश को मुक्त कराने में सफलता प्राप्त की है।
🚧 मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, पिकअप से 4 गोवंश मुक्त
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री महेंद्र तारणेकर, उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) श्री अनिल सिंह चौहान एवं पंधाना थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप देवड़ा के मार्गदर्शन में बोरगांव चौकी प्रभारी उप निरीक्षक अविनाश भोपले को 11 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना थी कि एक पिकअप वाहन में गोवंश को अत्यंत क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंसकर वध के लिए महाराष्ट्र ले जाया जा रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने राजोरा के पास पिकअप वाहन (क्रमांक एमपी 10 जीए 0169) की घेराबंदी की। तलाशी लेने पर वाहन में 4 गोवंश (केड़े) रस्सियों से बंधे हुए पाए गए। चालक सोनू (पिता बसंत मासरे) और उसके साथी रंजीत (पिता सदाशिव) कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
🏠 पूछताछ में बड़ा खुलासा, कादिर पटेल के बाड़े से 15 और गोवंश बरामद
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने गोवंश को वध हेतु महाराष्ट्र ले जाने की बात कबूली। अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों के साथी कादिर पटेल (निवासी राजोरा), महेश चौहान और कमल भी इस गोवंश तस्करी में संलिप्त हैं। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने राजोरा स्थित कादिर पटेल के घर (बाड़े) पर दबिश दी, जहां 15 और गोवंश क्रूरता पूर्वक बांधकर व छिपाकर रखे गए थे। पुलिस ने सभी 19 गोवंश को विधिवत जब्त कर सुरक्षार्थ गौशाला भेज दिया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
⚖️ 10 लाख का मशरूका जब्त, आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने पिकअप वाहन, एक मोटरसाइकिल और 19 नग गोवंश सहित कुल करीब 10 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। पकड़े गए आरोपियों के विरुद्ध धारा 4/6/9 गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं 11 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। जानकारी के अनुसार, इन आरोपियों के विरुद्ध जिले और अन्य जिलों में पहले से ही आपराधिक प्रकरण विचाराधीन हैं। गिरफ्तार आरोपियों को 12 अप्रैल 2026 को ज्यूडिशियल रिमांड हेतु न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि ऐसी किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
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