बिलासपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने राज्य शासन को कड़ा पत्र लिखा है। इसमें प्रदेश के एल बी संवर्ग के शिक्षकों की पूर्व सेवा की गणना कर क्रमोन्न्ति व पदोन्न्ति देने की मांग की है। मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार ना किए जाने या पूरी नहीं करने पर दो अक्टूबर से सत्याग्रह आंदोलन चलाने की चेतावनी भी दी है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने प्रदेश्ा के एल बी संवर्ग के सहायक शिक्षक,शिक्षक व व्याख्याताओं को पूर्व सेवावधि की गणना के आधार पर क्रमोन्न्ति व पदोन्न्ति देने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे वेतन विसंगति दूर होगी। इसके अलावा वेतनमान का सही ढंग से निर्धारण हो पाएगा। एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश के एल बी संवर्ग के सहायक शिक्षक,शिक्षक व व्याख्याता का हित पूर्व सेवा अवधि की गणना करने से ही है, संविलियन के पूर्व सेवा की गणना करने से एक ही पद में 10 वर्ष पूर्ण करने वाले सहायक शिक्षकों को क्रमोन्न्त वेतनमान मिलेगा।
प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के 22 हजार पदों पर पदोन्न्ति मिलेगी, क्रमोन्न्तित और पदोन्न्ति से सहायक शिक्षकांे को सीधे उच्च वर्ग शिक्षक का 4200 ग्रेड पे का उच्चतर वेतनमान मिलेगा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने राज्य शासन को पत्र लिखकर कहा है कि सहायक शिक्षकांे का व्याख्याता व शिक्षक की तुलना में वेतन कम है। प्राथमिक शिक्षा को विशेष शिक्षकीय सेवा मानकर व्याख्याता व शिक्षक के वेतनमान के अंतर के अनुपात में शिक्षक व सहायक शिक्षक के वेतनमान में सुधार की मांग की है। शिक्षक पंचायत व ननि संवर्ग को एक जून 2013 से दिए गए पुनरीक्षित (समतुल्य) वेतनमान में भूतलक्षी प्रभाव से 1.86 के गुणांक पर निर्धारण करने का आदेश जारी करने की मांग की है।
पूर्व प्रचलित नियम के लिए किसी भी प्रकार की कमेटी की जरूरत नही है, क्यांेकि शिक्षा विभाग में 10 वर्ष की सेवा में क्रमोन्न्ति व पांच वर्ष की सेवा में पदोन्न्ति देने का नियम है। इसी प्रकार वेतन गणना का भी नियम है। समयमान प्राप्त करने वाले शिक्षकांे को उनके समयमान वेतन के आधार पर वेतन निर्धारित किया जाता है। छत्तीसगढ़ में 2013 में प्रदान किया गया शिक्षक समतुल्य वेतनमान की गणना छठवें वेतन के न्यूनतम स्तर पर किया गया।
आपको यह खबर कैसी लगी?


देश

























