इंदौर। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजदूगी में होगी। देश में इसे उत्सव की तरह मनाने की तैयारी चल रही है। प्रभु श्रीराम की पूजा-आराधना के साथ देशभर में घर-घर में इस दिन रामचरित का पाठ होगा। ऐसे में यदि आप भी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान घर में रामचरितमानस का पाठ करने वाले हैं तो कुछ बातों की सावधानी जरूर रखना चाहिए। इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं पंडित चंद्रशेखर मलतारे। रामचरितमानस का पाठ एक पवित्र धार्मिक ग्रंथ है। रामचरितमानस का पाठ सच्चे मन से करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती है। यदि घर में रामचरितमानस का पाठ रोज होता है तो घर में कभी कोई परेशानी नहीं आती है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। ‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’सच्चे मन से करें रामचरितमानस का पाठ
इन बातों की रखें सावधानी
डिसक्लेमर
इंदौर। अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजदूगी में होगी। देश में इसे उत्सव की तरह मनाने की तैयारी चल रही है। प्रभु श्रीराम की पूजा-आराधना के साथ देशभर में घर-घर में इस दिन रामचरित का पाठ होगा। ऐसे में यदि आप भी प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान घर में रामचरितमानस का पाठ करने वाले हैं तो कुछ बातों की सावधानी जरूर रखना चाहिए। इस बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं पंडित चंद्रशेखर मलतारे।
सच्चे मन से करें रामचरितमानस का पाठ
रामचरितमानस का पाठ एक पवित्र धार्मिक ग्रंथ है। रामचरितमानस का पाठ सच्चे मन से करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करती है। यदि घर में रामचरितमानस का पाठ रोज होता है तो घर में कभी कोई परेशानी नहीं आती है। जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
इन बातों की रखें सावधानी
- रामचरित मानस का पाठ करने से पहले चौकी पर पर सुंदर वस्त्र बिछाकर भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करें और पूजन करें।
- रामचरितमानस का पाठ करने से पहले सर्वप्रथम गणेश जी और हनुमान जी का आह्वान करें।
- पौराणिक मान्यता है कि राम जी के पूजन से पहले हनुमान जी का आह्वान करने से पूजा का सही फल मिलता है।
- रामचरित मानस का लयबद्ध होकर पाठ करें।
- 24 घंटे का रामचरितमानस का पाठ करने के बाद आखिर में भगवान राम की आरती करें।
- घर में रामचरितमानस का पाठ हो तो मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- घर में रामचरितमानस का पाठ होने पर किसी भी विवाद की स्थिति से बचें।
- रामचरित मानस का पाठ करने वाले घर में स्त्री का अपमान न करें।
डिसक्लेमर
‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’



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