रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के बाद विभिन्न विभागों से जुड़े पत्र पटल पर रखे जाएंगे, वहीं नियम 138 के तहत सदस्यों द्वारा सड़कों की जर्जर स्थिति और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को लेकर ध्यानाकर्षण किया जाएगा. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, उद्योग और राजस्व विभागों के बजट पर विस्तृत बहस होगी, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं. सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी. इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों पर मंत्रियों को जवाब देना होगा. इसके बाद सहकारिता, आवास-पर्यावरण और चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित अधिसूचनाएं सदन के पटल पर रखी जाएंगी. नियम 138 के तहत विधायक जर्जर सड़कों और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाएंगे. विशेष रूप से चैंप्स प्रणाली के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को लेकर कृषि मंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा. विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर याचिकाएं भी पेश करेंगे. इनमें स्वास्थ्य केंद्र निर्माण, स्कूलों के उन्नयन, पुल-पुलिया और सड़कों के निर्माण जैसे स्थानीय विकास से जुड़े विषय प्रमुख रहेंगे. सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी. इसमें महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, उद्योग, श्रम और राजस्व विभाग से जुड़े बजट पर विस्तृत बहस होगी. विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखने की कोशिश करेगी. छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय है. विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में बजट से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है.प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
सड़कों और कृषि योजनाओं पर ध्यानाकर्षण
क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर पेश होंगी याचिकाएं
बजट की अनुदान मांगों पर होगी बड़ी बहस
रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में प्रश्नकाल के बाद विभिन्न विभागों से जुड़े पत्र पटल पर रखे जाएंगे, वहीं नियम 138 के तहत सदस्यों द्वारा सड़कों की जर्जर स्थिति और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को लेकर ध्यानाकर्षण किया जाएगा. इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य, उद्योग और राजस्व विभागों के बजट पर विस्तृत बहस होगी, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं.
प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी. इस दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े सवालों पर मंत्रियों को जवाब देना होगा. इसके बाद सहकारिता, आवास-पर्यावरण और चिकित्सा शिक्षा विभाग से संबंधित अधिसूचनाएं सदन के पटल पर रखी जाएंगी.
सड़कों और कृषि योजनाओं पर ध्यानाकर्षण
नियम 138 के तहत विधायक जर्जर सड़कों और कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा उठाएंगे. विशेष रूप से चैंप्स प्रणाली के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही दिक्कतों को लेकर कृषि मंत्री का ध्यान आकर्षित किया जाएगा.
क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर पेश होंगी याचिकाएं
विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर याचिकाएं भी पेश करेंगे. इनमें स्वास्थ्य केंद्र निर्माण, स्कूलों के उन्नयन, पुल-पुलिया और सड़कों के निर्माण जैसे स्थानीय विकास से जुड़े विषय प्रमुख रहेंगे.
बजट की अनुदान मांगों पर होगी बड़ी बहस
सदन में वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी. इसमें महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, उद्योग, श्रम और राजस्व विभाग से जुड़े बजट पर विस्तृत बहस होगी. विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रखने की कोशिश करेगी.
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय है. विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में बजट से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सदन में तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है.



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