लातेहार: रामनवमी जुलूस के बाद बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित तीन अखाड़े के 18 लोगों पर अलग-अलग मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है. प्राथमिकी के विरोध में शुक्रवार को बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित हिंदू समाज के सभी दुकानों को बंद रखा गया. लोगों की मांग है कि जिन 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, उसे वापस लिया जाए. 3 अलग-अलग अखाड़े के 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज दरअसल, लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी का त्यौहार बड़े स्तर में मनाया जाता है. यहां 12 घंटे तक जुलूस निकाला जाता है. रामनवमी जुलूस के बाद अलग-अलग मामले में तीन अखाड़े के कुल 18 लोगों पर पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई. हिंदू समाज में नाराजगी इधर 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना मिलने के बाद हिंदू समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है और एक बैठक कर निर्णय लिया है कि 3 अप्रैल को बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय के सभी दुकानदार अपनी दुकानों को बंद रखेंगे. इस निर्णय के तहत शुक्रवार को सुबह से ही हिंदू समाज के सभी दुकानदारों ने विरोध में अपनी दुकानों को बंद रखा है. प्राथमिकी के विरोध में दुकान बंद बंद के संबंध में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोनू कुमार ने बताया कि रामनवमी जुलूस के बाद हिंदू समाज के 18 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी को अविलंब वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को हिंदू समाज के सभी लोगों ने अपनी दुकानों को बंद रखा है. इसके अलावा रामनवमी पूजा के दौरान एक पुलिस अधिकारी द्वारा पूजा समिति के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था, उन्हें अविलंब निलंबित किया जाए. शांतिपूर्ण रामनवमी के बाद क्यों हुई प्राथमिकी? इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि प्रेम प्रसाद गुप्ता ने बताा कि बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी का त्यौहार पूरी तरह शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया था लेकिन रामनवमी जुलूस के बाद अचानक 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना मिलने से हिंदू समाज नाराज है. उन्होंने आगे कहा कि समाज का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और मांग करेगा कि प्राथमिकी वापस ली जाए. शांति से संपन्न हुआ त्यौहार फिर भी प्राथमिकी दर्ज क्यों? वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश सिंह ने कहा कि रामनवमी के जुलूस में सभी समुदाय के लोगों ने पूरा सहयोग किया और मिलजुलकर त्यौहार संपन्न हुआ लेकिन किन परिस्थितियों में 18 लोगों पर प्राथमिकी हुई यह किसी को समझ में नहीं आ रहा है. इसी के विरोध में शुक्रवार को स्वेच्छा से सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बद रखा. डीजे बजाने के लिए नहीं बल्कि अन्य कारणों से हुई है प्राथमिकी वहीं इस संबंध में पूछने पर थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि डीजे बजाने को लेकर नहीं बल्कि अलग-अलग कारणों से कानूनी प्रावधान के तहत 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.आपको यह खबर कैसी लगी?
लातेहार: रामनवमी जुलूस के बाद बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित तीन अखाड़े के 18 लोगों पर अलग-अलग मामले में प्राथमिकी दर्ज हुई है. प्राथमिकी के विरोध में शुक्रवार को बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय स्थित हिंदू समाज के सभी दुकानों को बंद रखा गया. लोगों की मांग है कि जिन 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, उसे वापस लिया जाए.
3 अलग-अलग अखाड़े के 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज
दरअसल, लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी का त्यौहार बड़े स्तर में मनाया जाता है. यहां 12 घंटे तक जुलूस निकाला जाता है. रामनवमी जुलूस के बाद अलग-अलग मामले में तीन अखाड़े के कुल 18 लोगों पर पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गई.
हिंदू समाज में नाराजगी
इधर 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना मिलने के बाद हिंदू समाज के लोगों ने नाराजगी जताई है और एक बैठक कर निर्णय लिया है कि 3 अप्रैल को बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय के सभी दुकानदार अपनी दुकानों को बंद रखेंगे. इस निर्णय के तहत शुक्रवार को सुबह से ही हिंदू समाज के सभी दुकानदारों ने विरोध में अपनी दुकानों को बंद रखा है.
प्राथमिकी के विरोध में दुकान बंद
बंद के संबंध में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मोनू कुमार ने बताया कि रामनवमी जुलूस के बाद हिंदू समाज के 18 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. प्राथमिकी को अविलंब वापस लेने की मांग को लेकर शुक्रवार को हिंदू समाज के सभी लोगों ने अपनी दुकानों को बंद रखा है. इसके अलावा रामनवमी पूजा के दौरान एक पुलिस अधिकारी द्वारा पूजा समिति के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया था, उन्हें अविलंब निलंबित किया जाए.
शांतिपूर्ण रामनवमी के बाद क्यों हुई प्राथमिकी?
इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि प्रेम प्रसाद गुप्ता ने बताा कि बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में रामनवमी का त्यौहार पूरी तरह शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया था लेकिन रामनवमी जुलूस के बाद अचानक 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होने की सूचना मिलने से हिंदू समाज नाराज है. उन्होंने आगे कहा कि समाज का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और मांग करेगा कि प्राथमिकी वापस ली जाए.
शांति से संपन्न हुआ त्यौहार फिर भी प्राथमिकी दर्ज क्यों?
वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश सिंह ने कहा कि रामनवमी के जुलूस में सभी समुदाय के लोगों ने पूरा सहयोग किया और मिलजुलकर त्यौहार संपन्न हुआ लेकिन किन परिस्थितियों में 18 लोगों पर प्राथमिकी हुई यह किसी को समझ में नहीं आ रहा है. इसी के विरोध में शुक्रवार को स्वेच्छा से सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बद रखा.
डीजे बजाने के लिए नहीं बल्कि अन्य कारणों से हुई है प्राथमिकी
वहीं इस संबंध में पूछने पर थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि डीजे बजाने को लेकर नहीं बल्कि अलग-अलग कारणों से कानूनी प्रावधान के तहत 18 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है.


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