पिपरिया: दोनों पैर के घुटने खराब हुए तो पैदल चलना तक बंद हो गया, लेकिन दृढ़ इच्छा शक्ति ऐसी की आज 63 साल की उम्र में बिना रुके नर्मदा नदी में 25.65 किमी की तैराकी 8 घंटे 13 मिनिट में पूरी करके एक कीर्तिमान स्थापित कर दिया. भारत के आयरन मैन के नाम से मशहूर डॉ. राजेंद्र जायसवाल अपनी इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में शामिल करने जा रहे हैं.
बुधवार को डॉ. राजेंद्र जायसवाल ने नर्मदापुरम जिले के पिपरिया के नजदीक सांडिया के सीताराम घाट से मोतिलसिर घाट तक तैराकी करके रिकॉर्ड अपने नाम हासिल किया है. पिपरिया की सामाजिक संस्था जय माता दी समिति के सहयोग से आयरन मैन ने सुबह 7 बजे तैराकी की शुरुआत की. दोपहर 3:13 पर निर्धारित लक्ष्य पूरा किया.
‘करना है तो कुछ बड़ा करो’
तैराकी का रिकॉर्ड बनाने के बाद डॉक्टर राजेंद्र जायसवाल ने बताया कि, ”कई रिकॉर्ड बनाने पर डॉक्टरेट की उपाधि मिली है, लेकिन इसके पीछे कड़ी मेहनत रही है. मैं पिपरिया-पचमढ़ी का भूमिपुत्र हूं, तो सोचा था कि नर्मदा में तैराकी करूं. फिर सोचा करना है तो कुछ बड़ा करो. मैंने सर्च किया कि सीनियर सिटीजन का ओपन वॉटर में कोई रिकॉर्ड नहीं है तो 15 किलोमीटर तैराकी करने का सोचा. लेकिन जब नर्मदा में तैराकी शुरू की तो 25.65 किलोमीटर की दूरी तय कर ली. मैं इस उम्र में अकेला व्यक्ति हूं जिसने यह रिकॉर्ड बनाया है.”
कैलिफोर्निया में बने आयरन मैन
तैराकी में कई रिकॉर्ड हासिल कर चुके राजेंद्र जायसवाल ने दावा किया, ”मेरी उम्र में मैं अकेला इंडियन हूं जिसने कैलिफोर्निया में 3.8 किमी स्विमिंग, 180 किमी साईकिलिंग, 42 किमी रनिंग करके आयरन मैन का किताब हासिल किया है. इसके अलावा कई अन्य रिकॉर्ड्स भी बनाए हैं.”
कुछ करने की आग होना चाहिए
कीर्तिमान स्थापित करने वाले राजेंद्र जायसवाल कहते हैं कि, ”मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया प्रोग्राम से प्रभावित हूं.” वे कहते हैं कि, ”उम्र सिर्फ एक नंबर है. कुछ करने के लिए अपने अंदर आग होना चाहिए अपने को बदलने की, कुछ करने की और करके दिखाने की.” उन्होंने युवाओं को फिटनेस पर ध्यान देने का संदेश दिया.
उपलब्धि पर हुआ सम्मान
रिकॉर्ड 8 घंटे 13 मिनट तक लगातार तैराकी करने के बाद राजेंद्र जयसवाल का कई स्थानों पर स्वागत और सम्मान हुआ. जय माता दी समिति के वरिष्ठ सदस्य संदीप शर्मा के नेतृत्व में होटल गीतांजलि में कीर्तिमान बनाने पर राजेंद्र जायसवाल का सम्मान कार्यक्रम हुआ. शहर के खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में संदीप शर्मा ने कहा कि, ”पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है कि नर्मदा नदी में तैराकी करके एक रिकॉर्ड कायम हुआ है. इससे पूरे क्षेत्र के युवाओं और सभी लोगों को कड़ी मेहनत से सफलता हासिल करने की सीख मिलेगी.”
असाधारण उपलब्धि के लिए मिलती है मान्यता
अनूठे कारनामे, असाधारण उपलब्धि, रचनात्मकता में रिकॉर्ड बनाने पर एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स संस्था एशिया में रिकॉर्ड होल्डर को मान्यता देकर सर्टिफिकेट जारी करता है. इस संस्था का मुख्यालय भारत और वियतनाम में है. यह संस्था वर्ल्ड रिकॉर्ड की वार्षिक पुस्तक प्रकाशित करती है. संस्था की वेबसाइट के माध्यम से अपने रिकॉर्ड के विवरण, वीडियो, फोटो आदि सबूत भेजकर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जाता है.



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