मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी जंग और गैस सप्लाई के बाधित होने के बाद देश में एलपीजी गैस और पेट्रोल-डीजल को लेकर दिक्कतें होने लगी हैं. देश के कई शहरों पर इसका असर भी पड़ने लगा है. दिल्ली में सिलेंडर गैस बुक नहीं हो पा रहे तो मुंबई में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. अब मुंबई में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद लोगों ने खाना बनाने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों की ओर रूख करना शुरू कर दिया है. बाजार में इलेक्ट्रिक कुकर, माइक्रोवेव ओवन, ओटीजी ओवन, टोस्टर, ग्रिल, इलेक्ट्रिक तवा, एयर फ्रायर, मल्टी कुकर, इलेक्ट्रिक स्टीमर और हॉट प्लेट जैसे उपकरणों की खरीद में लगातार तेजी देखी जा रही है.
पिछले हफ्ते 7 मार्च को केंद्र सरकार द्वारा घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद स्थिति और बदली है. साथ ही व्यावसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है, जिससे आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक कराने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. महाराष्ट्र के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गैस सिलेंडर को लेकर लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है.
दिल्ली में गैस की बुकिंग तक नहीं हो पा रही
राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर में कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों की ना तो गैस बुक हो पा रही है, और ना ही उन्हें सिलेंडर मिल पा रहा है. सरकार ने कई अलग-अलग टोल फ्री नंबर गैस बुक करने के लिए जारी कर रखे हैं, लेकिन वह नंबर भी अब ठीक से काम नहीं कर रहे हैं.
ऐसा ही एक नंबर 7718955555 है. जब इस नंबर पर रियलिटी चेक करने के लिए फोन किया गया तो कभी इस पर कॉल नहीं जाती, कभी नंबर स्विच ऑफ बताता है तो कभी नंबर नॉट इन यूज बताता है. उपभोक्ता अपनी गैस बुक करने के लिए ऑनलाइन इस नंबर को डायल करते हैं, उनकी गैस भी बुक नहीं हो पा रही जिसकी वजह से वह गैस एजेंसी की तरफ रुख कर रहे हैं. गैस बुक करने के लिए ज्यादातर गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी लाइन देखी जा रही है.
वैकल्पिक साधन तलाश रहे मुंबई के लोग
मुंबई में कई जगहों पर ग्राहकों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में लोग सतर्क रुख अपनाते हुए खाना बनाने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश कर रहे हैं और बिजली से चलने वाले रसोई उपकरणों की मांग बढ़ती जा रही है. कई व्यापारियों का कहना है कि यदि अगले एक हफ्ते में स्थिति में सुधार नहीं हुई, तो देश में ईंधन की कमी की आशंका बढ़ सकती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव को देखते हुए ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसके कारण आने वाले दिनों में बिजली से चलने वाले रसोई उपकरणों की मांग और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
दूसरी ओर, मुंबई के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और गैस एजेंसियां अब सिर्फ घरेलू इस्तेमाल के लिए ही एलपीजी सिलेंडर दे रही हैं. मुंबई के होटल और रेस्टोरेंट्स को 6 मार्च से एलपीजी की सप्लाई कम कर दी गई है अब होटल और रेस्टोरेंट्स को सप्लाई होने वाला एलपीजी 80 फीसदी तक बंद हो चुका है. एलपीजी गैस की कमी का असर अब मुंबई के पुराने और मशहूर होटलों पर भी दिखाई देने लगा है. छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बाहर फोर्ट इलाके में स्थित करीब 178 साल पुराना पंचम पुरीवाला होटल भी इस संकट से जूझ रहा है.
ब्रिटिश काल में 1848 में शुरू हुए इस ऐतिहासिक होटल में आमतौर पर 79 तरह के मेनू आइटम मिलते थे, और खास तौर पर यहां 5 तरह की पूरियां परोसी जाती थीं, लेकिन एलपीजी की कमी के चलते अब होटल में सिर्फ दो ही आइटम (पूरी-भाजी और आमरस-पूरी) ही उपलब्ध हैं. होटल प्रबंधन के मुताबिक उनके पास एलपीजी का बहुत ही सीमित स्टॉक बचा है. इसी कारण उन्हें कई परिचितों से उधार सिलेंडर लेकर किसी तरह होटल चलाना पड़ रहा है.
गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहींः MGL
हालांकि महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने साफ किया कि वर्तमान में गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है और कंपनी अपने परिचालन क्षेत्रों में कॉम्प्रेस्ड प्राकृतिक गैस (CNG) और पाइप के जरिये घरों में जाने वाली रसोई गैस (PNG) की सामान्य आपूर्ति बनाए हुए है. कंपनी ने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष से एलएनजी आयात बाधित होने के कारण एमजीएल को गैस की आपूर्ति में कटौती होने की स्थिति में औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए गैस सप्लाई कुछ हद तक प्रभावित हो सकती है.
कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ दिखने लगी है. पेट्रोल भराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ दिख रही है.



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