खंडवा | कृषि एवं किसान कल्याण समाचार
जिले के सरसों उत्पादक किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य शासन की भावांतर योजना के अंतर्गत ई-उपार्जन पोर्टल पर सरसों की फसल के लिए पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, जिसकी अंतिम तिथि 20 मार्च निर्धारित की गई है।
✨ 72 केंद्रों पर हो रहा है पंजीयन: उप संचालक कृषि
उप संचालक कृषि, नितेश यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि भावांतर योजना के अंतर्गत सरसों के पंजीयन के लिए गेहूं और चना के समान ही जिले भर में 72 पंजीयन केंद्र निर्धारित किए गए हैं। किसान भाई अपनी नजदीकी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) कार्यालय में जाकर अपनी फसल का पंजीयन आसानी से करा सकते हैं।
🧮 कैसे मिलेगा भावांतर योजना का लाभ? (समझें गणित)
उप संचालक कृषि ने बताया कि भावांतर योजना के तहत सरसों फसल के विक्रय पर किसानों को भुगतान की गणना दो स्थितियों के आधार पर की जाएगी:
स्थिति 1 (जब बिक्री मूल्य ‘मॉडल प्राइस’ से अधिक हो): यदि अधिसूचित मंडी में एफ.ए.क्यू. (FAQ) मानक के अनुरूप सरसों का बिक्री मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (6200 रु.) से कम हो, परंतु प्रदेश सरकार द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य अर्थात “मॉडल प्राइस” से अधिक हो, तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और उनके वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की राशि प्रदान की जाएगी।
स्थिति 2 (जब बिक्री मूल्य ‘मॉडल प्राइस’ से कम हो): यदि मंडी में सरसों का बिक्री मूल्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित औसत थोक मूल्य (“मॉडल प्राइस”) से भी कम रहता है, तो भी किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत थोक मूल्य (मॉडल प्राइस) के अंतर की राशि ही प्रदान की जाएगी।
कृषि विभाग और उप संचालक कृषि ने जिले के सभी किसान भाइयों से विशेष अपील की है कि वे अंतिम तिथि (20 मार्च) का इंतजार किए बिना अपनी सरसों की फसल का पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि वे सरकार की इस लाभकारी भावांतर योजना का पूरा लाभ उठा सकें।🌾 किसानों से अपील



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