खंडवा | प्रशासनिक हलचल एवं सामाजिक सरोकार
जिले में बाल श्रमिकों और बंधक (बंधुआ) श्रमिकों की पहचान, उनकी मुक्ति और उनके सुरक्षित पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर शुक्रवार को कलेक्टरेट सभाकक्ष में अपर कलेक्टर के. आर. बडोले की अध्यक्षता में ‘जिला स्तरीय टास्क फोर्स’ एवं ‘सतर्कता समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
✨ बैठक का मुख्य एजेंडा: रेस्क्यू और समुचित पुनर्वास
बैठक में जिले भर में बाल श्रम उन्मूलन अभियान को गति देने और रेस्क्यू किए गए बच्चों व श्रमिकों के समुचित पुनर्वास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि मुक्त कराए गए श्रमिकों और बच्चों को शिक्षा एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
👥 बैठक में इन प्रमुख अधिकारियों की रही उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में श्रम विभाग, पुलिस, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
प्रशासन एवं श्रम विभाग: अनिल मलगाया (सहायक श्रम अधिकारी), दिनेश सावले (डिप्टी कलेक्टर), नवीन कुमार गढेकर और सुश्री खुशबू मंडलोई (श्रम निरीक्षक)।
पुलिस विभाग: श्रीमती सुलोचना गहलोद (निरीक्षक, महिला थाना खंडवा), श्रीमती सुनिता जोसेफ (प्रभारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई, खंडवा)।
अन्य विभाग एवं समितियां: गणेश तईकर (अग्रणी जिला प्रबंधक, खंडवा), गोपाल मोरे (सी.डी.पी.ओ. शहरी परियोजना, खंडवा), प्रवीण शर्मा (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति, खंडवा)।
इनके अलावा बाल कल्याण समिति के अन्य सदस्य एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं (NGOs) के प्रतिनिधि भी इस अहम बैठक में मौजूद रहे।



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