मिडिल ईस्ट में जंग के चलते पेट्रोल, डीजल और गैस के दामों पर पड़ रहे असर के बीच बिहार के कटिहार से एक अच्छी खबर सामने आई है. शहर के शिवाजी नगर मोहल्ले के रहने वाले पवन यादव ने लिथियम बैटरी से चलने वाली एक ऑटोमेटिक साइकिल तैयार की है, जिसका नाम उन्होंने अपने नाम पर ‘पवन’ रखा है.
कम खर्च में बेहतर माइलेज देने वाली यह ई- साइकिल लोगों के लिए सस्ते ईंधन और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प बन सकती है. मैट्रिक पास पवन यादव पहले दुबई में एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रिक मैकेनिक के रूप में काम करते थे. विदेश में काम करने के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रिक तकनीक की बारीकियां सीखी थीं.
विदेश से नौकरी छोड़, आ गए गांव
मन नहीं लगा तो वहां से नौकरी छोड़कर वह अपने गांव आ गए, ईंधन के बढ़ते दामों और पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए उन्होंने ई-साइकिल बनाने की योजना बनाई. फिलहाल वह अपने घर पर लोहे की अलमारी और ग्रिल बनाने की छोटी फैक्ट्री चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं
लिथियम बैटरी से चलती है साइकिल
इसी बीच बढ़ते ईंधन खर्च और आम लोगों की परेशानियों को देखते हुए पवन ने अपनी तकनीकी समझ का इस्तेमाल कर यह ऑटोमेटिक साइकिल तैयार की. यह साइकिल लिथियम बैटरी से चलती है और बेहद कम खर्च में लंबी दूरी तय करने में सक्षम बताई जा रही है.
पवन का कहना है कि उन्होंने इसे आम लोगों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाया है, ताकि कम आय वाले लोग भी बिना पेट्रोल-डीजल के खर्च के आसानी से सफर कर सकें. उनका सपना है कि किसी कंपनी या सरकार की योजना, खासकर प्रधानमंत्री की स्वरोजगार और इनोवेशन योजनाओं के माध्यम से इस मॉडल को और बेहतर बनाया जाए और बड़े स्तर पर लोगों तक पहुंचाया जाए.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
स्थानीय लोगों ने भी पवन के इस इनोवेशन की सराहना की है. उनका कहना है कि अगर ऐसे प्रयासों को सरकारी सहयोग मिले, तो यह न सिर्फ रोजगार का माध्यम बनेगा बल्कि आम जनता को सस्ती और स्वच्छ परिवहन सुविधा भी उपलब्ध होगी.
7 रुपए में चलेगी 100 किमी
पवन ने 45 हजार रुपए से लागत से यह ई-साइकिल बनाई है. उन्होंने बताया कि 7 रुपए की बिजली खर्च कर इससे 100 किमी का सफर तय किया जा सकता है. पूरी बैटरी को चार्ज होने में तीन घंटे का समय लगता है. वह पीएम मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से बहुत प्रभावित हैं.
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