खंडवा | स्वास्थ्य एवं जनसरोकार समाचार
एक दिन भूरीबाई किचन में खाना बना रही थी, तभी अचानक दुर्घटनावश कड़ाही में खौलता तेल उसके शरीर पर गिर गया और इस भीषण हादसे में वह काफी झुलस गई। भूरी के पति जावेद उसे आनन-फानन में श्री दादाजी धूनीवाले जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे, जहां सर्जरी रोग विशेषज्ञ डॉ. एम.एल. कलमे एवं डॉ. वीरेंद्र पचौरे ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए तत्काल इलाज शुरू किया।
👩⚕️ गर्भवती होने के कारण संक्रमण रोकना थी सबसे बड़ी चुनौती
डॉक्टर्स के समक्ष महिला की झुलसी हुई त्वचा के संक्रमण को रोकना सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि महिला 6 महीने की गर्भवती भी थी। ऐसे नाजुक समय में भूरीबाई को स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी डुडवे के विशेष सहयोग से डॉ. कलमे एवं उनकी टीम ने क्रिटिकल केयर एवं डेली ड्रेसिंग के माध्यम से सफलतापूर्वक इलाज कर संक्रमण को नियंत्रित किया।
✨ मजबूत इच्छाशक्ति और बेहतर केयर से मिली रिकवरी
अस्पताल के सकारात्मक वातावरण, डॉक्टरों की दिन-रात की मेहनत और भूरीबाई की अपनी मजबूत इच्छाशक्ति ने उसकी रिकवरी की राह को काफी आसान कर दिया। जिला अस्पताल में हुए इस बेहतरीन उपचार के बाद भूरीबाई अब पूरी तरह से स्वस्थ है। अस्पताल से छुट्टी मिलने पर उसने जिला अस्पताल के डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ की भूरि-भूरि प्रशंसा की है।
🏥 आयुष्मान योजना के तहत हुआ सारा निःशुल्क इलाज
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल ने इस सफल उपचार के बारे में बताया कि झुलसी हुई अवस्था में आई भूरीबाई को ‘आयुष्मान योजना’ के तहत अस्पताल में सभी प्रकार की जांच एवं उपचार की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस योजना के चलते परिवार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं।
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