खंडवा | प्रशासनिक हलचल समाचार
जिले में प्रशासनिक कसावट लाने और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उन्होंने कृषि, पेयजल, सहकारिता और राजस्व विभाग के अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
इस बैठक में जिला पंचायत सीईओ डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर के.आर. बड़ोले सहित सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ और विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी मौजूद रहे।
🔥 नरवाई (फसल अवशेष) जलाने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
कलेक्टर ने उप संचालक कृषि तथा सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि जिन ग्रामों में पिछले वर्षों में नरवाई (Stubble) जलाने की अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन्हें चिन्हित करें।
इन गांवों का संयुक्त भ्रमण कर किसानों को समझाइश दें कि वे नरवाई न जलाएं।
यदि इसके बाद भी कोई नरवाई जलाता है, तो उस पर अर्थदंड एवं अन्य प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसानों को इससे मिट्टी और पर्यावरण को होने वाले नुकसान के प्रति भी जागरूक किया जाए।
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि जिला व विकासखंड स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप खराब होने या पेयजल योजनाओं की मोटर जलने की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करें और 24 घंटे की समय-सीमा में पेयजल समस्या का निराकरण सुनिश्चित करें।💧 24 घंटे की समय-सीमा में हो पेयजल समस्याओं का निराकरण
साथ ही सभी तहसीलदारों एवं एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के छात्रावासों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
सहकारिता विभाग: कलेक्टर ने सहकारी समितियों में गबन एवं घोटालों की जांच में हो रही अनावश्यक देरी पर सख्त नाराजगी प्रकट की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की तत्काल जांच कर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कराएं।⚖️ सहकारी घोटालों में FIR और जल स्रोतों से हटेगा अतिक्रमण
अतिक्रमण: नगर निगम आयुक्त तथा सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए गए हैं कि खंडवा शहर में स्थित झीलोद्यान, दूध तलाई एवं शक्कर तालाब के आसपास का अतिक्रमण तुरंत हटाएं। वर्षा के जल को इन तालाबों तक पहुंचने का मार्ग क्लियर करें, ताकि भूजल स्तर बढ़ सके।
‘फार्म गेट’ ऐप: मंडी सचिव को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को ‘फार्म गेट’ (Farm Gate) ऐप के लाभ बताएं, ताकि किसान इसका उपयोग कर अपनी फसल का विक्रय कर अच्छा मूल्य प्राप्त कर सकें।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘संकल्प से समाधान अभियान’ के तहत आयोजित शिविरों में एसडीएम और सीईओ स्वयं जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान में जो आवेदन अस्वीकृत (Reject) कर दिए गए हैं, उनकी एक बार फिर से समीक्षा की जाए। यह सुनिश्चित हो कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।📋 अस्वीकृत आवेदनों की फिर से होगी समीक्षा
अंत में, कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को अपने निवास एवं कार्यालयों के लंबित बिजली बिल तथा जलकर देयकों का भुगतान करने के भी सख्त निर्देश दिए।



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