खंडवा | पर्यावरण एवं कृषि समाचार
जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ शुरू किया गया है। गत 19 मार्च से शुरू हुआ यह महत्वपूर्ण अभियान 30 जून 2026 तक जारी रहेगा। इस वर्ष इस अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटरशेड विकास’ के कार्यों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।
💧 वाटरशेड विकास 2.0 के तहत बनेंगी जल संरक्षण संरचनाएं
वाटरशेड विकास 2.0 के अंतर्गत कंटूर ट्रेंच, गेबियन संरचनाएं, खेत-तालाब, स्टॉप डैम, चेक डैम, तालाब और रिचार्ज शाफ्ट जैसी जल संरचनाओं का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के माध्यम से वर्षा जल का अधिकतम संचयन, भू-जल पुनर्भरण, मृदा संरक्षण एवं जल उपलब्धता में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। इससे जिले के किसानों को सिंचाई सुविधा के विस्तार एवं कृषि उत्पादन में वृद्धि का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो सकेगा।
🏗️ पुराने स्टॉप डैम और चेक डैम की होगी मरम्मत व नवीनीकरण
इन नवीन निर्माण कार्यों के अलावा, ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटरशेड विकास 1.0’ के अंतर्गत पूर्व में निर्मित किए गए स्टॉप डैम एवं चेक डैम की मरम्मत और नवीनीकरण के कार्य भी अभियान के तहत किए जाएंगे। सरकार के इस कदम से न केवल इन पुरानी जल संरचनाओं की कार्यक्षमता पुनर्स्थापित होगी, बल्कि क्षेत्र में जल संरक्षण के पूर्व प्रयासों को भी नई मजबूती मिलेगी।


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