खंडवा | कृषि एवं पर्यावरण समाचार
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे खेतों में फसल कटने के बाद बची हुई नरवाई (पराली) को ना जलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने से खेतों की मिट्टी की उर्वरा शक्ति तो कम होती ही है, साथ ही इससे पर्यावरण भी बुरी तरह प्रदूषित होता है।
🚫 नरवाई जलाने वालों पर लगेगा अर्थदंड, प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत भी होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम (SDM) को सख्त निर्देश दिए हैं कि नरवाई जलाने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर अर्थदंड (जुर्माना) लगाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसे मामलों में पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इस प्रथा पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
⚖️ माथनी बुजुर्ग के 2 किसानों पर एक्शन, लगाया गया 2500-2500 रुपए का जुर्माना
कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में राजस्व विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। एसडीएम खंडवा ऋषि कुमार सिंघई ने बताया कि खंडवा तहसील के ग्राम माथनी बुजुर्ग में 2 कृषकों— आशिफ खां (पिता जाहिर खां) एवं भाईराम (पिता मोतीराम) द्वारा अपनी कृषि भूमि पर नरवाई जलाना पाया गया। इस घटना की विस्तृत जांच के उपरांत नायब तहसीलदार, वृत्त जावर के न्यायालय में नियमानुसार प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और दोनों किसानों पर 2500-2500 रुपए का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया गया है।


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