खंडवा | प्रादेशिक एवं अपराध समाचार
पुलिस महानिरीक्षक जोन इंदौर (ग्रामीण) और पुलिस उप महानिरीक्षक/पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज कुमार राय के मार्गदर्शन में थाना नर्मदानगर पुलिस ने ग्राम पामाखेड़ी में हुई सनसनीखेज डकैती का सफल खुलासा कर लिया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) राजेश रघुवंशी और एसडीओपी मूंदी मनोहर सिंह गवली के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
🚨 खाकी वर्दी पहनकर आए थे बदमाश, नौकरों को बंधक बनाकर की थी लूट
12 मार्च को फरियादी ललित (पिता वासुदेव सोलंकी, निवासी ग्राम पामाखेड़ी) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सुबह 6:30 बजे बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो से 7-8 अज्ञात बदमाश आए थे। इनमें से दो बदमाश खाकी वर्दी पहने हुए थे। बदमाशों ने तीन नौकरों (बसंत, उमेन सिंह और तोताराम) के साथ मारपीट कर उन्हें टेप और रस्सी से बांध दिया। इसके बाद घर का लॉकर तोड़कर 1,60,000 रुपये और एक 12 बोर की बंदूक लूट ले गए। इस मामले में पुलिस ने धारा 310(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया था। उल्लेखनीय है कि मई 2025 में भी इसी घर में लूट के प्रयास की घटना हुई थी।
🔍 धार और खंडवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, सीसीटीवी से मिले सुराग
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने 10,000 रुपये का इनाम घोषित कर तीन विशेष टीमों का गठन किया था। इसी बीच 13 मार्च को धार जिले के बाग में भी इसी तरीके (काली स्कॉर्पियो और खाकी वर्दी) से लूट की घटना सामने आई। दोनों घटनाओं में समरूपता दिखने पर आईजी इंदौर के निर्देश पर धार, खंडवा और शाजापुर पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के हुलिये के आधार पर दबिश देकर अब्दुल गफ्फार, डॉ. शहजाद, नरसिंह और अब्दुल निसार को गिरफ्तार किया।
💰 लूटी गई बंदूक और नकदी बरामद, पूछताछ में खुले अन्य राज
इन आरोपियों से पूछताछ के बाद डकैती में शामिल अन्य आरोपी—पप्पू उर्फ सुरेंद्रसिंह, अमन उर्फ विवेक सोनी, राजेंद्र उर्फ राजा, निलेश उर्फ बिल्ला और आकाश कंडारे को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके पास से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की लाल स्विफ्ट कार, लूटी गई 12 बोर की बंदूक, 27 कारतूस और 1.60 लाख रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। सभी 9 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
🧠 अपहरण का आरोपी डॉक्टर निकला मास्टरमाइंड, ये 6 आरोपी हैं फरार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी डॉ. शहजाद ही इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड है। उसी ने टीम तैयार कर दोनों घटनाओं को अंजाम दिया और लूटा गया माल बांटने के लिए अपने पास रखा था। डॉ. शहजाद पर राजस्थान के कोटा में अपहरण का केस भी दर्ज है। अन्य आरोपियों पर भी चोरी, गबन और धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
इस मामले में अभी 6 आरोपी—इकबाल, धर्मेंद्र दरबार, आकाश राठौर, रंजीत कंजर, तन्मय हाडा और संजय शर्मा फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित है। इस शानदार सफलता पर डीजीपी कैलाश मकवाना और आईजी अनुराग ने संयुक्त पुलिस टीम को नकद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।


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