खंडवा | धर्म एवं जैन समाज समाचार
जैन धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक अनुष्ठान ‘पंचकल्याणक महामहोत्सव’ इन दिनों दादाजी की संस्कार नगरी खंडवा में पूरे धार्मिक उत्साह के साथ आयोजित हो रहा है। देश के महान संत आदित्य सागर जी महाराज के ससंघ सानिध्य में अयोध्या नगरी (तापड़िया बिजनेस पार्क) के विशाल पांडाल में प्रतिष्ठाचार्य पीयूष जी जैन के मार्गदर्शन एवं संगीतकार मनीष जैन के मधुर भजनों के साथ पंचकल्याणक महोत्सव चल रहा है।
🙏 पाषाण की प्रतिमाएं ले रही हैं परमात्मा का रूप, संपन्न हुआ ‘गर्भ कल्याणक’
बजरंग चौक स्थित महावीर दिगम्बर जैन मंदिर में संगमरमर की मुनिसुव्रत नाथ एवं भरत भगवान की प्रतिमा के साथ अष्टधातु की आदिनाथ भगवान एवं रत्नजड़ित गौतम गणधर स्वामी की प्रतिमाओं का पंचकल्याणक महोत्सव 11 अप्रैल से 16 अप्रैल के मध्य चल रहा है। पंचकल्याणक महोत्सव के माध्यम से पांच दिनों की धार्मिक क्रियाओं के अंतर्गत ये पाषाण की प्रतिमाएं परमात्मा का रूप लेती हैं। शनिवार एवं रविवार को महोत्सव में ‘गर्भ कल्याणक’ की क्रियाएं संपन्न हुईं। पांडाल में प्रतिदिन 10 से 12 घंटे लगातार धार्मिक क्रियाएं चल रही हैं।
✨ 16 स्वप्नों का हुआ वर्णन, इंद्र दरबार में दिखा मनोहारी दृश्य
जैन पंचकल्याणक (विशेषकर गर्भ कल्याणक) में तीर्थंकर माता द्वारा देखे जाने वाले सोलह स्वप्न एक महान तीर्थंकर के अवतरण की पूर्व सूचना होते हैं। ये स्वप्न बालक के भावी आध्यात्मिक बल, ज्ञान और त्रिलोक पूज्य होने का संकेत देते हैं। ये स्वप्न गर्भ में एक अत्यंत पुण्यशाली और आध्यात्मिक रूप से शक्तिशाली आत्मा के आगमन का सूचक हैं। प्रतिष्ठा महोत्सव में इन सपनों का विशेष रूप से चित्रण और वर्णन बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच इंद्र दरबार में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित किया गया, जिसने भक्तों के हृदय में असीम भक्ति भाव जाग्रत कर दिया।
🗣️ मुनिश्री का प्रवचन: ‘सरस्वती के लिए साधना और लक्ष्मी के लिए मेहनत जरूरी’
मुनि श्री आदित्य सागर जी महाराज के सानिध्य में अब तक 20 से अधिक पंचकल्याणक आयोजित किए जा चुके हैं। रविवार को प्रवचन देते हुए मुनिश्री ने कहा कि पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में उपस्थित होकर हम अपने पापों को नष्ट कर पुण्य की प्राप्ति कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “सरस्वती के लिए साधना एवं लक्ष्मी के लिए मेहनत करनी पड़ती है। जब आपके पास सरस्वती आएगी, तो लक्ष्मी पुत्र भी आपके आगे हाथ जोड़ते हुए मिलेंगे।” उन्होंने संकल्प शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि गहरी संकल्प शक्ति से कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से किया जा सकता है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक राजनारायण सिंह ने मुनि श्री को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन, प्रेमांशु जैन और पंकज सेठी ने बताया कि मुनिश्री के पाद प्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य आलोक सेठी एवं रमेश रावका परिवार को तथा श्रीजी की आरती करने का सौभाग्य अरुण जैन परिवार को प्राप्त हुआ।
🐘 आज मनेगा ‘जन्म कल्याणक’, गाजे-बाजे के साथ निकलेगी शोभायात्रा
जैन धर्म में पंचकल्याणक के पांचों दिन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन भगवान का ‘जन्म कल्याणक’ एक अद्भुत महोत्सव होता है। सोमवार को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव आयोजित होगा। प्रातः 5 बजे से धार्मिक क्रियाओं के साथ प्रातः 9 बजे एक विशाल शोभायात्रा अयोध्या नगरी तापड़िया गार्डन से शुरू होगी। यह यात्रा बजरंग चौक स्थित जैन मंदिर, भगत सिंह चौक, मानसिंह मिल चौराहा, टाउन हॉल, नगर निगम, घंटाघर, मुंबई बाजार से होते हुए पुनः तापड़िया बिजनेस पार्क पहुंचेगी।
इस भव्य शोभायात्रा में दो हाथियों पर सौधर्म इंद्र-इंद्राणी के रूप में संजय-वंदना कासलीवाल, कुबेर इंद्र के रूप में सपना-जितेंद्र लुहाड़िया के साथ अन्य इंद्र सवार होंगे। यात्रा में घोड़े, बग्गी, बैंड-बाजे और ढोलक के साथ बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु, मातृशक्ति और बच्चे उत्साहपूर्वक शामिल होंगे।
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