खंडवा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट मध्य प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। खंडवा जिले के जनप्रतिनिधियों ने इसे गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण वाला एक संतुलित दस्तावेज करार दिया है।
आर्थिक प्रगति और प्रति व्यक्ति आय में उछाल: राजपाल सिंह तोमर
भाजपा जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि प्रभावी आर्थिक नीतियों के कारण प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1.41 लाख से बढ़कर 1.69 लाख रुपये हो गई है। यह 19.25% की वृद्धि दर्शाती है कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह बजट समाज के हर वर्ग को विकास के समान अवसर प्रदान करेगा।
किसानों और शिक्षा के लिए बड़ी सौगात: विधायक कंचन तनवे
खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने बजट को जनकल्याणकारी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
किसानों को लाभ: 1 लाख नए सोलर पंप और प्राकृतिक खेती के लिए 1 लाख हेक्टेयर का लक्ष्य।
फसल बीमा: 1,300 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान।
शिक्षा: प्रदेश में 294 नए विद्यालय स्थापित किए जाएंगे, जिससे शैक्षणिक ढांचा मजबूत होगा।
महापौर अमृता अमर यादव के अनुसार, नगरीय निकायों के विकास के लिए यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।नारी शक्ति और नगरीय विकास: महापौर अमृता यादव
लाड़ली बहना: योजना के लिए 23,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित।
महिला सुरक्षा: कामकाजी महिलाओं के लिए 5,700 नए हॉस्टल का निर्माण होगा।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ यह बजट आया है।
युवाओं और खेलों को मिला प्रोत्साहन: सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल
आत्मनिर्भर युवा: युवाओं के ऋण के लिए 25,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
खेल विकास: खेलों के लिए 815 करोड़ रुपये आवंटित।
ग्रामीण सड़कें: मजरे-टोलों की सड़कों के लिए 21,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है।
समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बजट को खंडवा के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया:स्वास्थ्य और अधोसंरचना पर जोर: सुनील जैन
स्वास्थ्य: चिकित्सा सुविधाओं के लिए 23,000 करोड़ रुपये का प्रावधान।
परिवहन: यात्री सुविधाओं के लिए 472 नई ई-बसें शुरू की जाएंगी।
पूंजीगत व्यय: 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश अधोसंरचना विकास को नई गति देगा।
पहली बार बच्चों को फोर्टिफाइड दूध देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
प्रवक्ता सुनील जैन ने कहा कि जब विपक्ष सदन में व्यवधान डाल रहा था, तब सरकार ने 2047 के ‘विकसित प्रदेश’ के विजन को ध्यान में रखकर यह संतुलित और समावेशी बजट पेश किया।



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