रतलाम। रतलाम जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी दिनभर बादलों की उमड़-घुमड़ होती रही। इससे पहले मंगलवार रात शहर सहित अंचल में कई स्थानों पर मावठे की रिमझिम-तेज बारिश ई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों को मावठे से खेतों में खड़ी रबी फसलों में नुकसान का अंदेशा सता रहा है। इस मौसम से वातावरण फिर सर्द हो गया। रतलाम जिले में तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चल रहा है। मंगलवार को दिनभर बादलों की उमड़-घुमड़ के बाद देर रात शहर में जोरदार बारिश से चारों तरफ पानी ही पानी हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। मंडी परिसर में खुले में रखी उपज भीग गई। अंचल में भी मावठे की कहीं रिमझिम तो कहीं तेज वर्षा हुई। हालांकि अंचल में बारिश का दौर ज्यादा देर नहीं चला। इससे फसलों में व्यापक पैमाने पर नुकसानी जैसी स्थिति नहीं है। मंगलवार के मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 89 प्रतिशत व शाम की 84 प्रतिशत रही, जो मंगलवार को क्रमश: 79 व 70 प्रतिशत थी। नुकसानी का आंकलन कराने की मांग बोदीना : क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज हवा के साथ मावठे की बूंदाबांदी हुई। इससे बोदीना, भैंसाडाबर, खोखरा सहित कई गांवों के खेतों में खड़ी रबी फसलों में काफी नुकसान पहुंचा। हवा और वर्षा से पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई। इससे किसान मायूस हो गए। इसके पहले खरीफ सीजन की मुख्य सोयाबीन फसल भी बीमारी व प्राकृतिक आपदा से पूरी तरह खराब हो चुकी है। किसान दिलीप पाटीदार ने शासन-प्रशासन से नुकसानी का आकलन कराने की मांग की है। पीली पड़ने लगी प्याज की फसल प्रीतमनगर : क्षेत्र में मंगलवार देर रात मावठे की बूंदाबांदी हुई। बुधवार दिनभर भी बादल छाए रहे। मावठे की वर्षा ने किसानों के सामने कई परेशानियां खड़ी कर दी है। किसान तरुण प्रजापत ने बताया कि बुधवार को खेत पर फसल देखने गया तो मन उदास हो गया। प्याज की फसल पीली पड़ने लगी है। इससे उत्पादन पर विपरित प्रभाव पड़ेगा। लहसुन और गेहूं की फसल भी प्रभावित हो रही है। एक पखवाड़े में दूसरी बार मावठे की वर्षा हुई है। इससे किसान परेशानी हो रहे हैं।
रतलाम। रतलाम जिले में मौसम का मिजाज बदल गया है। लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी दिनभर बादलों की उमड़-घुमड़ होती रही। इससे पहले मंगलवार रात शहर सहित अंचल में कई स्थानों पर मावठे की रिमझिम-तेज बारिश ई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई। किसानों को मावठे से खेतों में खड़ी रबी फसलों में नुकसान का अंदेशा सता रहा है। इस मौसम से वातावरण फिर सर्द हो गया।
रतलाम जिले में तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला चल रहा है। मंगलवार को दिनभर बादलों की उमड़-घुमड़ के बाद देर रात शहर में जोरदार बारिश से चारों तरफ पानी ही पानी हो गया और वातावरण में ठंडक घुल गई। मंडी परिसर में खुले में रखी उपज भीग गई। अंचल में भी मावठे की कहीं रिमझिम तो कहीं तेज वर्षा हुई। हालांकि अंचल में बारिश का दौर ज्यादा देर नहीं चला। इससे फसलों में व्यापक पैमाने पर नुकसानी जैसी स्थिति नहीं है।
मंगलवार के मुकाबले बुधवार को अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट और न्यूनतम तापमान में 0.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह की आर्द्रता 89 प्रतिशत व शाम की 84 प्रतिशत रही, जो मंगलवार को क्रमश: 79 व 70 प्रतिशत थी।
नुकसानी का आंकलन कराने की मांग
बोदीना : क्षेत्र में मंगलवार देर रात तेज हवा के साथ मावठे की बूंदाबांदी हुई। इससे बोदीना, भैंसाडाबर, खोखरा सहित कई गांवों के खेतों में खड़ी रबी फसलों में काफी नुकसान पहुंचा। हवा और वर्षा से पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल आड़ी पड़ गई।
इससे किसान मायूस हो गए। इसके पहले खरीफ सीजन की मुख्य सोयाबीन फसल भी बीमारी व प्राकृतिक आपदा से पूरी तरह खराब हो चुकी है। किसान दिलीप पाटीदार ने शासन-प्रशासन से नुकसानी का आकलन कराने की मांग की है।
पीली पड़ने लगी प्याज की फसल
प्रीतमनगर : क्षेत्र में मंगलवार देर रात मावठे की बूंदाबांदी हुई। बुधवार दिनभर भी बादल छाए रहे। मावठे की वर्षा ने किसानों के सामने कई परेशानियां खड़ी कर दी है। किसान तरुण प्रजापत ने बताया कि बुधवार को खेत पर फसल देखने गया तो मन उदास हो गया।
प्याज की फसल पीली पड़ने लगी है। इससे उत्पादन पर विपरित प्रभाव पड़ेगा। लहसुन और गेहूं की फसल भी प्रभावित हो रही है। एक पखवाड़े में दूसरी बार मावठे की वर्षा हुई है। इससे किसान परेशानी हो रहे हैं।



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