पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में चौंका देने वाले खुलासे किए हैं. पकड़े जाने से पहले शब्बीर ने दिल्ली के कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर की रेकी की थी. इन तीनों मंदिरों की रेकी करने के दौरान उसने मोबाइल से इनकी वीडियो भी बनाई थी. बाद में शब्बीर ने इन वीडियो को पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलर को भेज दिया.
पुलिस ने बताया कि शब्बीर ने इनके अलावा दिल्ली के कनॉट प्लेस और पहाड़गंज के कई इलाके जिसमें भीड़ भाड़ वाले मार्केट भी शामिल हैं उनकी भी रेकी की थी. इन इलाकों की भी वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजी गई थी. दरअसल, आतंकी शब्बीर को 5 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया है. पुलिस ने मंगलवार से आतंकी से पूछताछ शुरू की. पूछताछ के दौरान आतंकी शब्बीर ने ISI और लश्कर बांग्लादेश में TRF जैसा आतंकी संगठन बनाने की बात भी कबूल की है. इसी संगठन को बनाने के लिए आतंकी दिल्ली एनसीआर में रेकी कर रिक्रूटमेंट का काम शुरू करने वाला था.
भारत में नए आतंकी मॉड्यूल को एक्टिव का था काम
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी गाजीपुर से हुई है. स्पेशल सेल का दावा है कि शब्बीर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के कहने पर भारत में लश्कर-ए-तैयबा के एक नए मॉड्यूल को एक्टिव करने और युवाओं की भर्ती के काम कर रहा था. इससे पहले वह अपने मकसद में कामयाब होता, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान आरोपी के पास से बांग्लादेशी-पाकिस्तानी करेंसी, एक लैपटॉप व अन्य सामान बरामद किया गया था.
नेपाल बॉर्डर के रास्ते भारत में घुसा
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी नेपाल बॉर्डर के रास्ते इंडिया में घुसा था और अपने पाकिस्तान बेस्ड LeT हैंडलर्स, जिनके कोड नेम अबू हुजैफा, सुमाम बाबर और अब्दुल रहमान हैं, उनके कहने पर भारत में LeT के लिए रिक्रूटमेंट का पूरा नेटवर्क बांग्लादेश से ऑपरेट कर रहा था. यह गैर-कानूनी तरीके से नेपाल में घुसा था. इसके बाद वह इंडो-नेपाल बॉर्डर के रास्ते इंडिया में फिर घुस आया. शब्बीर तहरीक-उल-मुजाहिद्दीन कमांडर अबू तल्हा और UAPA से डेजिग्नेटेड टेररिस्ट आसिफ डार के भी संपर्क में भी था.


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