सूरजपुर: जिले में तेज आंधी-तूफान ने सोमवार को भारी तबाही मचाई. कई जगह पेड़ गिरे तो कुछ जगह स्वागत द्वार ही आंधी तूफान में उखड़ गए. कुछ घंटों तक लगातार तूफान का कहर देखने को मिला. भटगांव स्थित एसईसीएल क्षेत्र का स्वागत द्वार तेज हवा के चलते गिर पड़ा, जिससे सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया. प्रतापपुर-बनारस मार्ग पर भी कई पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा. इस दौरान एक बाइक सवार पेड़ के नीचे दब गया, लेकिन किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा. घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया. प्रशासन को सड़क से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद जाकर यातायात बहाल हो सका. इधर, पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर दलहन और तिलहन की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है. इसके साथ ही गेहूं की फसल, जो इस समय पक चुकी है, वह भी बारिश और तेज हवा की वजह से प्रभावित हो रही है. खेतों में खड़ी फसल गिरने लगी है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. ऐसे में वे प्रशासन से उचित सहायता और राहत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि इस नुकसान की भरपाई हो सके.आंधी तूफान का कहर
बेमौसम बारिश से चिंता में किसान
सूरजपुर: जिले में तेज आंधी-तूफान ने सोमवार को भारी तबाही मचाई. कई जगह पेड़ गिरे तो कुछ जगह स्वागत द्वार ही आंधी तूफान में उखड़ गए. कुछ घंटों तक लगातार तूफान का कहर देखने को मिला.
आंधी तूफान का कहर
भटगांव स्थित एसईसीएल क्षेत्र का स्वागत द्वार तेज हवा के चलते गिर पड़ा, जिससे सड़क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया. प्रतापपुर-बनारस मार्ग पर भी कई पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा. इस दौरान एक बाइक सवार पेड़ के नीचे दब गया, लेकिन किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा.
घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया. प्रशासन को सड़क से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने में घंटों मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद जाकर यातायात बहाल हो सका.
बेमौसम बारिश से चिंता में किसान
इधर, पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर दलहन और तिलहन की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है. इसके साथ ही गेहूं की फसल, जो इस समय पक चुकी है, वह भी बारिश और तेज हवा की वजह से प्रभावित हो रही है. खेतों में खड़ी फसल गिरने लगी है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा, तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. ऐसे में वे प्रशासन से उचित सहायता और राहत की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि इस नुकसान की भरपाई हो सके.


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