बिलासपुर। केंद्र के समान महंगाई भत्ता प्रदान करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया है। राज्य शासन के कर्मचारियों के प्रति भेदभाव के विरुद्ध छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की ओर से महंगाई भत्ता के चार विषयों का शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को शीघ्र भुगतान कर महंगाई से राहत प्रदान करने प्रदर्शन कर भोजनावकाश में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। संघ के जिलाध्यक्ष जीआर चंद्रा एवं सचिव किशोर शर्मा ने बताया कि प्रदेश के शासकीय सेवकांे को 1 जुलाई 2019 से महंगाई भत्ता का भुगतान न करने से कर्मचारी चार किश्तों से वंचित हैं।
इसलिए उन्हें प्रतिमाह महंगाई के मूल्य सूचकांक के आधार पर पांच हजार रुपये की आर्थिक क्षति हो रही है। जहां केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त हो रहा है, वहीं राज्य के कर्मचारी 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता प्राप्त कर महंगाई से जूझ रहे हैं। प्रतिदिन डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, खादय सामाग्री, सब्जियां विशेष कर तेल पदार्थों के दोगुने बढ़ती कीमतों से कर्मचारियों को परिवार चलाने में परेशानी हो रही है।
प्रदेश के कर्मचारी कोरोना संक्रमण काल में जहां अपनी जान की परवाह किए बिना अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। वहीं सरकार उन्हें पुरस्कृत करने के बजाए संक्रमण की आड़ लेकर महंगाई भत्ता से वंचित कर रहा है। इससे कर्मचारियों में निराशा है। इस दौरान संघ के पदाधिकारी पुराना कंपोजिट बिल्डिंग परिसर से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे जहां संघ के प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त कलेक्टर मोनिका चर्मा से चर्चा कर ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान राजकुमार मिश्रा, आनंद तिवारी, हिमाचल साहू, चंद्रशेखर यादव, निरंकार तिवारी, अनिल सिन्हा, केपी शुक्ला, रेणुका वंशियार, जीतू शर्मा, राखी तिवारी, अशोक देवी बंजारे, पुष्मा तिर्की, दीपमाला, राजेंद्र गुप्ता, आरके पांडेय, विजय तिवारी, महेंद्र तिवारी, दिलेश्वर भंडारी आदि मौजूद थे।
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