रायपुर: वेतन विसंगतियों से नाराज छत्तीसगढ़ के लिपिकों का लगातार आंदोलन चल रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को राजधानी में कलेक्टर दफ्तर के बाहर ही लिपिकों ने प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी और जिलाध्यक्ष आकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लिपिक वर्ग एकजुट हुए और सरकार के खिलाफ हल्लाबोल किया। लिपिकों ने बताया कि वे सालों से वेतन विसंगति की पीड़ा झेल रहे हैं। सबसे अधिक काम करने के बाद भी उन्हें सबसे कम तनख्वाह दी जा रही है। इससे घर परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। वर्तमान में लिपिकों और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में कोई खास अंतर नहीं है। महज 100 रुपये का ही अंतर है।
इतने वेतन की मांग पर अड़े लिपिक
लिपिकों की मांग है कि उन्हें न्यायपूर्ण ग्रेड पे दिया जाए। उन्होंने सहायक ग्रेड तीन के छठवें वेतनमान ग्रेड पे 1900 रुपये को बढ़ाकर 2400 रुपये, सहायक ग्रेड दो के लिए 2400 रुपये को बढ़ाकर 2800 रुपये और सहायक ग्रेड एक व लेखापाल के लिए 2800 रुपये वेतनमान ग्रेड पे को बढ़ाकर 4200 रुपये ग्रेड पे करने की मांग की है। लिपिकों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 फरवरी 2019 को लिपिक महाधिवेशन में घोषणा की थी कि लिपिकों के दुख-दर्द को समझा जाएगा और उनके वेेतन की विसंगति को दूर किया जाएगा
कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
लिपिक संघ ने कलेक्टर रायपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम पर ज्ञापन सौंपा है। संघ ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वेतनमान की विसंगति को दूर करें ताकि प्रदेश के 28 हजार लिपिक परिवारों के साथ न्याय हो सके।



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