बिलासपुर। श्रावण मास का अंतिम सोमवार कल है। शिवभक्त इस दिन भगवान भोलेनाथ का दूध व जल से अभिषेक करेंगे। शिवालयों में सुबह से भीड़ होगी। शिवालयों और घरों में हवन पूजन भी होगा। व्रती अपना उपवास भी तोड़ेंगे। हालांकि सावन 21 अगस्त को समाप्त होगा। न्यायधानी के शिव मंदिरों में भीड़ के बाद भी भक्तों ने दो गज की दूरी का पालन अनिवार्य होगा। कोविड-19 दिशा निर्देशों का पालन करने के साथ मास्क जरूरी है।
विनोबा नगर स्थित शिव मंदिर, चांटीडीह, रेलवे, सरकंडा, मंगला क्षेत्र के मंदिरों में सबसे अधिक भीड़ होगी। दूध, जल व बेलपत्र से भोलेनाथ का अभिषेक कर हवन पूजन होगा। श्रीफल चढ़ाकर अपनी आस्था प्रकट करते दिखेंगे। श्रद्धालु भक्त अपना उपवास भी तोड़ेंगे। सावन का यह आखिरी व्रत होगा। गौरतलब है कि इस साल कुल चार सावन सोमवार था। श्रावण मास रविवार से शुरू होकर रविवार को ही समाप्त हो रहा है। न्यायधानी के मध्य स्थित मध्यनगरी चौक पर भगवान शिव का अष्टमुखी मंदिर है।
यहां काफी भीड़ होगी। नाम के अनुरूप यहां भगवान शिव अष्टमुखी स्वरूप में विराजित हैं। आठ भव्य स्वरूपों का दर्शन भक्त कर सकेंगे।शिव मंदिर शंकर नगर के पुजारी पं. रमेश तिवारी ने बताया कि सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ के पूजन का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि सावन के चारों सोमवार को पूजा-अर्चना व उपवास रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाते हैं। अलौकिक शांति मिलती है। देर शाम को मंदिरों में आरती भी हुई। कन्याओं ने वर प्राप्ति के लिए व्रत भी रखा। यही वजह है कि इस दिन का सभी को बेसब्री से इंतजार है।



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