राजस्थान में जारी सियासी संकट बीच एक ऑडियो सामने आया है। इसमें राजस्थान में सरकार गिराने के लिए खरीद फरोख्त का मामला दिख रहा है। राजस्थान सरकार के ओएसडी लोकेश शर्मा ने एक ऑडिया जारी किया है और दावा किया गया है कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह जयपुर के संजय जैन के जरिए विधायक भंवरलाल शर्मा के संपर्क में हैं। वहीं कांग्रेस नेता सुरजेवाला ने भी एक प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि भंवरलाल शर्मा ने 30 विधायकों की संख्या पूरी करने का आश्वासन दिया है। यहां एक नहीं बल्कि तीन ऑडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें पैसे की लेनदेन की बात कही जा रही है।
इस ऑडियो में लेन-देन की बात का भी दावा किया गया है। भंवरलाल जब अमाउंट की बात करते हैं तो कहा जाता है कि जो भी आश्वासन दिया गया है, पूरा किया जाएगा और वरिष्ठता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पहले भी सीएम गहलोत दावा कर चुके थे कि उनके पास सौदेबाजी के सबूत हैं।
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हालांकि भाजपा ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया था। विधायक भंवरलाल शर्मा ने भी वीडियो जारी करके कहा कि यह कांग्रेस सरकार के ओएसडी की साजिश है और वह इस तरह का फर्जी ऑडियो जारी करके विधायकों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस ने संजय जैन नाम के कथित बिचौलिए को गिरफ्तार कर लिया है। इसी सख्स पर खरीद फरोख्त में शामिल होने का आरोप है।
आज हाई कोर्ट में बागी 18 विधायकों समेत सचिन पायलट की याचिका पर सुनवाई होनी है। इससे पहले यह ऑडियो वायरल हो रहा है। सचिन पायलट समेत 18 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने विप का उल्लंघन करने के मामले में अयोग्यता का नोटिस दिया है। वहीं बागी विधायकों का कहना है कि विप सिर्फ विधानसभा सत्र के लिए जरूरी होती है।
सीएम गहलोत ने जयपुर में दो बार बैठक बुलाई थी डिसमें पायलट नहीं पहुंचे थे। पायलट के मान-मनव्वल का खेल अब भी जारी है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने कहा है कि अगर वह वापस आना चाहते हैं तो आ सकते हैं लेकिन कोई शर्त नहीं होनी चाहिए। सचिन पायलट ने भी अभी तक यही कहा है कि वह बीजेपी में नहीं जाने वाले हैं।



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