बिलासपुर। कोटा- बेलगहना मार्ग पर तेंदुए की मानिटरिंग करने के लिए वन विभाग ने दो ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इसके अलावा वनकर्मियों को नियमित निगरानी कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देश दिया गया है। दरअसल तेंदुए इस क्षेत्र के मवेशियों को शिकार बना रहा है। ग्रामीणों को भी खतरा है। यही वजह है कि विभाग पहले से ज्यादा सतर्क हो गया है।
इस क्षेत्र में करीब 10 दिन से तेंदुआ दिखाई दे रहा है। इसके होने की पूरी तरह पुष्टि भी हो चुकी है। इसलिए वन विभाग चाह रहा है कि बेहतर ढंग से मानिटरिंग हो सके। जिस क्षेत्र के आसपास मौजूदगी है, वहां सुरक्षा के सारे उपाय भी किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण सचेत के साथ पूरी तरह सुरक्षित भी रहे। पिछले दो – तीन दिनों से तेंदुआ मवेशियों का शिकार कर रहा है। इस घटना के बाद विभाग की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि ग्रामीण मनाही के बाद शाम को निकलते हैं।
हालांकि मुनादी के जरिए उन्हें बाहर न निकलने की अपील की जा रही है। इसके साथ ही मानिटरिंग भी जरुरी है, क्योंकि अभी तक ग्रामीण या राहगीरों ने ही तेंदुआ देखा है। वन अमला की नजर नहीं पड़ी है। इसी के लिए इन कैमरों का सहारा लिया गया है। यह वहीं कैमरे हैं, जिनका इस्तेमाल वन्य प्राणियों की गणना के दौरान उपयोग किए जाते हैं।
तेंदुआ जैसे इसके सामने से गुजरेगा कैमरा क्लिक होकर फोटा कैद कर लेगा। कोटा एसडीओ ललित दुबे ने बताया की कैमरे को लगाए अभी एक ही हुए हैं। तीन से चाल दिन गुजरने के बाद चिप निकालकर फोटो देखा जाएगा। हालांकि रेस्क्यू करने की बात से उन्होंने इंकार किया। उनका कहना है कि यह नौबत तब आती है, जब आतंक बढ़ जाता है। अभी तक किसी तरह जनहानि नहीं हुई है।
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