इंदौर। Diwali 2023: दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस खास दिन पर भक्त लक्ष्मी-गणेश और कुबेर देव की पूजा करते हैं। दिवाली के शुभ दिन पर कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। मां लक्ष्मी की कृपा से साल भर घर में धन-धान्य भरा रहता है। दिवाली पर घर में दीपक जलाने से पहले एक थाली में पांच दीपक रखें। फिर इन दीपकों पर फूल चढ़ाएं और उनकी पूजा करें। इसके बाद इन दीयों को घर के अलग-अलग हिस्सों में रखें। इसके अलावा कुएं के पास और मंदिर में भी दीपक भी जलाना शुभ माना जाता है। दिवाली की पूजा के दौरान लाल, पीले और चमकीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इस दिन काले, नीले या भूरे रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। दिवाली पूजा के लिए चौकी को घर की पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। चौकी के ऊपर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछा लें। लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। गणेश जी की मूर्ति बाईं ओर और लक्ष्मी जी की मूर्ति दाईं ओर होनी चाहिए। फिर उनके सामने एक मुखी घी का दीपक जलाएं। दिवाली पूजन के दिन भगवान गणेश को सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इससे साधक को धन लाभ हो सकता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करते समय उन्हें तुलसी दल अर्पित करें। इस प्रकार व्यक्ति के जीवन में व्याप्त गरीबी दूर की जा सकती है। दिवाली से पहले से ही घरों की साफ-सफाई शुरू हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे घरों में ही देवी लक्ष्मी का वास होता है। अगर आप मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो दिवाली पर पूरे घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। डिसक्लेमर ‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’थाली में रखें पांच दीपक
इस रंग के कपड़े पहनें
दिवाली पूजन के दौरान करें ये काम
अर्पित करें सफेद रंग की मिठाई
दिवाली से पहले करें ये काम
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इंदौर। Diwali 2023: दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस खास दिन पर भक्त लक्ष्मी-गणेश और कुबेर देव की पूजा करते हैं। दिवाली के शुभ दिन पर कुछ खास बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। मां लक्ष्मी की कृपा से साल भर घर में धन-धान्य भरा रहता है।
थाली में रखें पांच दीपक
दिवाली पर घर में दीपक जलाने से पहले एक थाली में पांच दीपक रखें। फिर इन दीपकों पर फूल चढ़ाएं और उनकी पूजा करें। इसके बाद इन दीयों को घर के अलग-अलग हिस्सों में रखें। इसके अलावा कुएं के पास और मंदिर में भी दीपक भी जलाना शुभ माना जाता है।
इस रंग के कपड़े पहनें
दिवाली की पूजा के दौरान लाल, पीले और चमकीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इस दिन काले, नीले या भूरे रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
दिवाली पूजन के दौरान करें ये काम
दिवाली पूजा के लिए चौकी को घर की पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। चौकी के ऊपर लाल या गुलाबी कपड़ा बिछा लें। लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। गणेश जी की मूर्ति बाईं ओर और लक्ष्मी जी की मूर्ति दाईं ओर होनी चाहिए। फिर उनके सामने एक मुखी घी का दीपक जलाएं।
अर्पित करें सफेद रंग की मिठाई
दिवाली पूजन के दिन भगवान गणेश को सफेद रंग की मिठाई का भोग लगाना चाहिए। इससे साधक को धन लाभ हो सकता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा करते समय उन्हें तुलसी दल अर्पित करें। इस प्रकार व्यक्ति के जीवन में व्याप्त गरीबी दूर की जा सकती है।
दिवाली से पहले करें ये काम
दिवाली से पहले से ही घरों की साफ-सफाई शुरू हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, साफ-सुथरे घरों में ही देवी लक्ष्मी का वास होता है। अगर आप मां लक्ष्मी की कृपा पाना चाहते हैं, तो दिवाली पर पूरे घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
डिसक्लेमर
‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’


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