खंडवा। एक पिता अपने पुत्र को कामयाब बनाने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर देता है। जब पुत्र पिता की मेहनत को साकार कर मुकाम हासिल कर लौटता है, तो पिता की आंखों में खुशियों के आंसू होते हैं। ऐसा ही एक गौरवान्वित करने वाला नजारा बीड़ रेलवे स्टेशन पर दोपहर के समय देखने को मिला, जब खंडवा से बीड़ आने वाली शटल ट्रेन से एक नया ‘नायक’ पहुंचा।
तिरंगा ओढ़ाकर किया स्वागत सिवरिया के प्रजापति समाज का लाल कृष्ण कुमार बेंगलुरु में अपनी पैरा कमांडो की कठिन ट्रेनिंग पूरी कर वापस लौटा है। बेटे के स्वागत के लिए पिता लक्ष्मी नारायण, गांव की जनता, स्कूल के पुराने साथी और बैंड-बाजा लेकर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। जैसे ही कृष्ण कुमार ट्रेन से उतरे, पिता लक्ष्मी नारायण ने अपने बेटे को तिरंगा ओढ़ाकर और फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान पिता-पुत्र दोनों की आंखों में खुशी के आंसू थे, जिसे देख वहां मौजूद हर शख्स भावुक हो गया और पूरा स्टेशन ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा।
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बीड़ से सिवरिया तक निकला जुलूस रेलवे स्टेशन से लेकर गांधी चौक और सिवरिया चौराहे तक बैंड-बाजों के साथ भव्य विजय जुलूस निकाला गया। कृष्ण के दोस्तों ने बताया कि उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर बीड़ में की, इसके बाद गांव के ही सरकारी स्कूल और फिर नूतन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की।
समाज और गांव के लिए गर्व का क्षण अपनी कड़ी मेहनत से कृष्ण को भारत माता की सेवा करने का अवसर मिला है। ग्रामीणों और प्रजापति समाज के लोगों का कहना है कि आज हमारे लिए गर्व की बात है कि हमारे क्षेत्र का लाल अब पैरा कमांडो बनकर देश की सीमाओं की रक्षा करेगा।



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