खंडवा। बीड़-मूंदी मार्ग पर स्थित ग्राम मोहद के माँ नर्मदा परिसर (क्षत्रिय राजपूत धर्मशाला) में 19 जनवरी से संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा महापुराण का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कथा के पांचवें दिन सुप्रसिद्ध कथावाचिका दिव्यानंद भारती दीदी के मुखारविंद से कथा का अमृत पान करने के लिए बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता उमड़ी।
दीदी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म के उपरांत की कथा सुनाते हुए कहा कि परमात्मा ही सबको शरण देने वाला है। उन्होंने ऋषि गर्गाचार्य द्वारा गौशाला में कलश व गणेश पूजन के साथ किए गए नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाया। दीदी ने बताया कि कैसे यशोदा के लाल का नाम ‘कृष्ण’ और रोहिणी के पुत्र का नाम ‘बलराम’ रखा गया। इसके साथ ही कृष्ण की बाल लीलाओं से अवगत कराते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण अपने मित्रों के साथ घरों से माखन चोरी करते थे और सबके साथ मिल-बांटकर खाते थे, जिससे गोपियों को भी असीम आनंद प्राप्त होता था।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, गोवर्धन पूजा संपन्न: कृष्ण की बाल लीलाओं और दीदी द्वारा गाए गए मधुर भजनों में खोकर श्रद्धालु नृत्य करने पर मजबूर हो गए। कथा पांडाल में ही बाल रूप में कृष्ण और उनके सखाओं द्वारा मटकी फोड़ने की लीला का जीवंत चित्रण किया गया, जिसके बाद विधि-विधान से गोवर्धन पूजा की गई। श्रद्धालुओं के बीच दही और माखन का विशेष प्रसाद वितरित किया गया।
आगामी कार्यक्रम और चुनरी यात्रा: आयोजन समिति ने जानकारी दी कि शनिवार को कथा पांडाल में भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मिणी का विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। रविवार को कथा का समापन और प्रसादी वितरण होगा। इसके पश्चात नर्मदा जयंती के उपलक्ष्य में युवा मंडल द्वारा क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर मोहद से संत सिंगाजी समाधि स्थल तक भव्य चुनरी यात्रा निकाली जाएगी।
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