खंडवा/ओंकारेश्वर। सुप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में इन दिनों श्रद्धालुओं का भारी हुजूम उमड़ रहा है, लेकिन प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट की अव्यवस्थाएं भक्तों की आस्था पर भारी पड़ रही हैं। पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए ‘जिक-जैक’ (Zig-Zag) रास्तों में श्रद्धालुओं को 5 से 6 घंटे तक कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी वृद्ध महिलाओं और बच्चों को हो रही है, जिन्हें सुलभ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।
पार्किंग के नाम पर वसूली और लंबा जाम
ग्राम पंचायत कोठी से लेकर ओंकारेश्वर के स्व. लोकेंद्र सिंह बस स्टैंड तक पार्किंग की कमी के कारण लंबा जाम लग रहा है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा पार्किंग के नाम पर नियुक्त ठेकेदार के लोग केवल वसूली में लगे हैं, जबकि ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। प्रशासन के लिए पार्किंग और शौचालय की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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सुविधा शून्य, वसूली जारी
भीड़भाड़ के बावजूद मंदिर प्रशासन ‘प्रोटोकॉल दर्शन’ के नाम पर 300 रुपये की वसूली बंद नहीं कर रहा है। दर्शन के लिए पहुंचे भोपाल के नाथूलाल वर्मा और मंदसौर की कुसुम बाई सहित कई पर्यटकों ने प्रशासन की पोल खोलते हुए कहा कि मंदिर प्रशासन केवल पैसा कमाने में लगा है। भक्तों का आरोप है कि 5 घंटे लाइन में लगने के बाद जब वे गर्भगृह पहुंचते हैं, तो कर्मचारी उन्हें धक्का मारकर बाहर कर देते हैं।
जिम्मेदारों का गैर-जिम्मेदाराना रवैया
श्रद्धालुओं ने शिकायत की है कि मंदिर के कर्मचारी और प्रोटोकॉल अधिकारी अभद्र व्यवहार करते हैं। जब इस संबंध में प्रबंध ट्रस्टी राव पुष्पेंद्र सिंह से बात की गई, तो उन्होंने प्रशासन पर सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए पल्ला झाड़ लिया। दूसरी ओर, मंदिर की आय-व्यय को सार्वजनिक न करने के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
इस पूरी अव्यवस्था के बीच मुख्य कार्यपालन अधिकारी (SDM) पंकज वर्मा फोन तक नहीं उठा रहे हैं। वहीं, कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कहना है कि मंदिर की आय-व्यय की जानकारी जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल, ओंकारेश्वर की व्यवस्था पूरी तरह “भगवान भरोसे” नजर आ रही है।



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