खंडवा | जनसमस्या एवं प्रशासनिक समाचार
गर्मी की शुरुआत के साथ ही क्षेत्र में जल स्रोत दम तोड़ने लगे हैं। कहने को तो ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत गांव-गांव में नल-जल योजनाओं का कार्य कर दिया गया है या चल रहा है, परंतु गुणवत्ताहीन कार्य और पीएचई (PHE) विभाग की लापरवाही के कारण जल संकट का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
🚰 नलकूप पड़े खराब, सुधारने में PHE विभाग की कोई रुचि नहीं
स्थिति यह हो गई है कि जो नलकूप बस्तियों में पीने के पानी का एकमात्र सहारा बने हुए हैं, उनकी छोटी-मोटी शिकायतें भी पीएचई विभाग दूर नहीं कर पा रहा है। जिला योजना समिति के सदस्य पंकज गुप्ता ने बताया कि कई बार पीएचई अधिकारियों को शिकायत करने के बावजूद क्षेत्र में खराब पड़े नलकूपों के सुधार कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
📞 झूठ बोलकर बंद कराई जा रही हैं CM हेल्पलाइन की शिकायतें
विभाग की अनदेखी के चलते ग्रामीणों को मजबूरन सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) में शिकायत करनी पड़ रही है। आरोप है कि इन शिकायतों को भी ये अधिकारी येन-केन-प्रकारेण झूठ बोलकर बंद करवाने में लगे रहते हैं, लेकिन मैदान में जाकर जमीनी स्तर पर समस्याओं का निराकरण करने में उनकी कोई रुचि नहीं है। पंकज गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि यही स्थिति रही, तो पानी के इस कृत्रिम अभाव के कारण भीषण गर्मी में आम जनता को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
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