जबलपुर। बरगी डैम क्रूज हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। सांई मंदिर सिविल लाइन्स निवासी मनोज सेन के लिए गुरुवार का दिन जिंदगी का सबसे काला दिन बन गया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी पत्नी ज्योति सेन से हमेशा के लिए जुदाई का कारण बन जाएगा। मेडिकल कॉलेज कैजुअल्टी के बाहर पत्नी के शव के पास खड़े मनोज सेन ने रोते हुए बताया कि जैसे ही क्रूज ने सफर शुरू किया, कुछ ही देर बाद नीचे के फ्लोर पर पानी भरने लगा। उन्होंने तुरंत क्रू मेंबर से शिकायत की, लेकिन उन्हें ऊपर आने को कहा गया। इसी बीच तेज हवा और बारिश शुरू हो गई और हालात बेकाबू हो गए। मनोज किसी तरह अपने बेटे को बचा सके, लेकिन उनकी पत्नी हमेशा के लिए उनसे बिछड़ गईं।
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जबलपुर। बरगी डैम क्रूज हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। सांई मंदिर सिविल लाइन्स निवासी मनोज सेन के लिए गुरुवार का दिन जिंदगी का सबसे काला दिन बन गया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उनकी पत्नी ज्योति सेन से हमेशा के लिए जुदाई का कारण बन जाएगा।
मेडिकल कॉलेज कैजुअल्टी के बाहर पत्नी के शव के पास खड़े मनोज सेन ने रोते हुए बताया कि जैसे ही क्रूज ने सफर शुरू किया, कुछ ही देर बाद नीचे के फ्लोर पर पानी भरने लगा। उन्होंने तुरंत क्रू मेंबर से शिकायत की, लेकिन उन्हें ऊपर आने को कहा गया। इसी बीच तेज हवा और बारिश शुरू हो गई और हालात बेकाबू हो गए। मनोज किसी तरह अपने बेटे को बचा सके, लेकिन उनकी पत्नी हमेशा के लिए उनसे बिछड़ गईं।


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