अमृतसर: पंजाब में 20 मई को होने वाली दवाई की दुकानों की हड़ताल को लेकर एक बड़ा वैचारिक टकराव सामने आया है। जहां एक ओर पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर दुग्गल के नेतृत्व में एक धड़े ने अपनी मांगों को लेकर राज्यभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का कड़ा ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन रजिस्टर्ड के प्रधान अशोक गोयल के दूसरे धड़े ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सुविधा को सर्वोपरि देखते हुए दुकानें पूरी तरह खुली रखी जाएंगी। इस विरोधाभासी ऐलान ने आम जनता, खासकर गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी असमंजस में डाल दिया है। बंद का पुरजोर समर्थन कर रहे धड़े के प्रधान सुरिंदर दुग्गल का कहना है कि केमिस्टों की लंबे समय से लंबित जायज मांगों को सरकार द्वारा लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी उदासीनता के चलते वे मजबूरन 15 से 20 मई तक चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम चला रहे हैं और इसी कड़ी में 20 मई को राज्यव्यापी पूर्ण बंद रखा जाएगा। उनका तर्क है कि जब तक सरकार टेबल पर बैठकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करती, तब तक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए ऐसा सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है। वहीं, इसके विपरीत दूसरे धड़े रिटेल विंग अमृतसर के प्रधान अरविंद शर्मा का साफ कहना है कि दवाई जैसी आवश्यक सेवाओं की दुकानों को बंद करना किसी भी सूरत में जनता और मानवता के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अचानक जरूरी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने से अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए इस धड़े ने सभी केमिस्ट भाइयों से अपील की है कि 20 मई को सभी मेडिकल स्टोर सामान्य रूप से खुले रखे जाएं ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों। खास बात यह है कि दोनों ही पक्ष इस समय जमीनी स्तर पर अपने-अपने दावों के साथ केमिस्ट्स को अपने साथ जोड़ने में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। एक तरफ जहां बंद को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए गुप्त बैठकें और सोशल मीडिया पर अपीलें की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर ‘मरीज हित में दुकानें खुली रखने’ का संदेश भी उतनी ही तेजी से फैलाया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि 20 मई को पंजाब में मेडिकल स्टोर पर किस धड़े का ज्यादा असर रहता है, लेकिन फिलहाल एसोसिएशन की इस आपसी खींचतान ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अनिश्चितता का माहौल जरूर पैदा कर दी है।📢 बंद के समर्थन में सुरिंदर दुग्गल धड़ा: लंबित मांगों को लेकर 20 मई को पूर्ण बंद रखने की दी चेतावनी
🏥 मरीजों की सुविधा के लिए दुकानें खुली रहेंगी: अरविंद शर्मा धड़े ने की हड़ताल में शामिल न होने की अपील
❓ किसका दिखेगा ज्यादा असर?: दोनों गुटों में केमिस्ट्स को जोड़ने की होड़, स्वास्थ्य सेवाओं पर अनिश्चितता के बादल
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अमृतसर: पंजाब में 20 मई को होने वाली दवाई की दुकानों की हड़ताल को लेकर एक बड़ा वैचारिक टकराव सामने आया है। जहां एक ओर पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरिंदर दुग्गल के नेतृत्व में एक धड़े ने अपनी मांगों को लेकर राज्यभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का कड़ा ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन रजिस्टर्ड के प्रधान अशोक गोयल के दूसरे धड़े ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सुविधा को सर्वोपरि देखते हुए दुकानें पूरी तरह खुली रखी जाएंगी। इस विरोधाभासी ऐलान ने आम जनता, खासकर गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी असमंजस में डाल दिया है।
📢 बंद के समर्थन में सुरिंदर दुग्गल धड़ा: लंबित मांगों को लेकर 20 मई को पूर्ण बंद रखने की दी चेतावनी
बंद का पुरजोर समर्थन कर रहे धड़े के प्रधान सुरिंदर दुग्गल का कहना है कि केमिस्टों की लंबे समय से लंबित जायज मांगों को सरकार द्वारा लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी उदासीनता के चलते वे मजबूरन 15 से 20 मई तक चरणबद्ध तरीके से विरोध कार्यक्रम चला रहे हैं और इसी कड़ी में 20 मई को राज्यव्यापी पूर्ण बंद रखा जाएगा। उनका तर्क है कि जब तक सरकार टेबल पर बैठकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करती, तब तक अपनी आवाज बुलंद करने के लिए ऐसा सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है।
🏥 मरीजों की सुविधा के लिए दुकानें खुली रहेंगी: अरविंद शर्मा धड़े ने की हड़ताल में शामिल न होने की अपील
वहीं, इसके विपरीत दूसरे धड़े रिटेल विंग अमृतसर के प्रधान अरविंद शर्मा का साफ कहना है कि दवाई जैसी आवश्यक सेवाओं की दुकानों को बंद करना किसी भी सूरत में जनता और मानवता के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अचानक जरूरी और जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने से अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए इस धड़े ने सभी केमिस्ट भाइयों से अपील की है कि 20 मई को सभी मेडिकल स्टोर सामान्य रूप से खुले रखे जाएं ताकि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों।
❓ किसका दिखेगा ज्यादा असर?: दोनों गुटों में केमिस्ट्स को जोड़ने की होड़, स्वास्थ्य सेवाओं पर अनिश्चितता के बादल
खास बात यह है कि दोनों ही पक्ष इस समय जमीनी स्तर पर अपने-अपने दावों के साथ केमिस्ट्स को अपने साथ जोड़ने में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं। एक तरफ जहां बंद को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए गुप्त बैठकें और सोशल मीडिया पर अपीलें की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर ‘मरीज हित में दुकानें खुली रखने’ का संदेश भी उतनी ही तेजी से फैलाया जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि 20 मई को पंजाब में मेडिकल स्टोर पर किस धड़े का ज्यादा असर रहता है, लेकिन फिलहाल एसोसिएशन की इस आपसी खींचतान ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अनिश्चितता का माहौल जरूर पैदा कर दी है।


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