कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला जेल से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। अपनी ही दो मासूम जुड़वा बेटियों की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी पिता और नामचीन दवा व्यापारी शशि रंजन मिश्रा ने रविवार को कानपुर जिला जेल के भीतर ही आत्महत्या (Suicide Attempt) करने का आत्मघाती प्रयास किया। बैरक में बंद इस आरोपी ने जेल के बाथरूम में जाकर बेहद शातिराना तरीके से धारदार की गई लोहे की थाली से अपनी ही गर्दन रेत ली। लहूलुहान हालत में गर्दन कटने की इस खौफनाक घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया। जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब आरोपी कैदी शशि रंजन मिश्रा गर्दन कटने के बाद बैरक के बाथरूम में तड़प रहा था, तभी अचानक वहाँ गए अन्य बंदियों की नजर उस पर पड़ी। चारों तरफ फैले खून और आरोपी को तड़पता देख बंदियों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। बंदियों की आवाज सुनकर जेलकर्मी और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में उर्सला अस्पताल ले गए। वहाँ डॉक्टरों द्वारा किए गए प्राथमिक उपचार के बाद भी जब खून का रिसाव नहीं रुका, तो उसकी गंभीर नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल आरोपी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस सुरक्षा चूक और घटना पर ब्योरा देते हुए जेल अधीक्षक ने बताया कि आरोपी शशि रंजन मिश्रा पिछले काफी समय से एक सोची-समझी साजिश के तहत बैरक में खाना खाने के लिए मिलने वाली सरकारी लोहे की थाली को जमीन और पत्थरों पर रगड़कर पैना (धारदार) कर रहा था। उसने रोज बैरक की सफाई करने के बहाने थाली के किनारों को धीरे-धीरे एक बेहद जानलेवा और धारदार हथियार में बदल दिया था। रविवार की दोपहर जब सभी कैदी आराम कर रहे थे, वह उसी धारदार थाली को कपड़ों में छुपाकर बाथरूम गया और अपनी गर्दन पर जोरदार वार कर लिया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में होश आने के बाद आरोपी शशि रंजन मिश्रा ने जेल प्रशासन और डॉक्टरों के सामने चौंकाने वाला दावा किया। उसने कहा कि वह लंबे समय से क्लिनिकल डिप्रेशन (Mental Depression) का गंभीर मरीज है और जेल के भीतर उसका उचित मानसिक इलाज नहीं चल रहा था। आरोपी ने अपनी मानसिक स्थिति बयां करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसे ऐसा अजीब महसूस हो रहा था कि उसके सिर में अजीबोगरीब और डरावनी आवाजें आ रही हैं और कई अदृश्य लोग उसे चारों तरफ से घेर रहे हैं। उसने आत्मघाती कदम पर सफाई देते हुए कहा कि रविवार को डिप्रेशन का तेज दौरा पड़ने के कारण उसे कुछ समझ नहीं आया और उसने यह कदम उठा लिया। उल्लेखनीय है कि यह पूरी खौफनाक पृष्ठभूमि कानपुर के किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट की है। यहाँ रहने वाले अमीर दवा व्यापारी शशि रंजन मिश्रा ने बीते 19 अप्रैल की खौफनाक रात को घरेलू विवाद के बाद अपनी सगी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की सोते समय गर्दन रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके अपने इस जघन्य अपराध की जानकारी दी थी और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही कोर्ट के आदेश पर वह कानपुर जिला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है। फिलहाल पुलिस जेल के भीतर धारदार वस्तु तैयार किए जाने के मामले की जांच कर रही है।🏥 बाथरूम में तड़पता मिला आरोपी, बंदियों ने मचाया शोर: प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में हैलट अस्पताल किया गया रेफर
🪓 थाली को जमीन पर रगड़कर धीरे-धीरे बनाया धारदार हथियार: सफाई के बहाने वारदात को दिया अंजाम, जेल अधीक्षक का बयान
🧠 ‘सिर में आ रही थीं डरावनी आवाजें, लोग घेर रहे थे’: अस्पताल में होश आने पर आरोपी ने खुद को बताया डिप्रेशन का मरीज
🩸 किदवई नगर के अपार्टमेंट में 19 अप्रैल की रात को क्या हुआ था? खुद पुलिस को फोन कर दिया था डबल मर्डर का सुराग
यह खबर आपको कैसी लगी?
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला जेल से एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आई है। अपनी ही दो मासूम जुड़वा बेटियों की बेरहमी से हत्या करने के आरोपी पिता और नामचीन दवा व्यापारी शशि रंजन मिश्रा ने रविवार को कानपुर जिला जेल के भीतर ही आत्महत्या (Suicide Attempt) करने का आत्मघाती प्रयास किया। बैरक में बंद इस आरोपी ने जेल के बाथरूम में जाकर बेहद शातिराना तरीके से धारदार की गई लोहे की थाली से अपनी ही गर्दन रेत ली। लहूलुहान हालत में गर्दन कटने की इस खौफनाक घटना के बाद जेल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों के बीच हड़कंप मच गया।
🏥 बाथरूम में तड़पता मिला आरोपी, बंदियों ने मचाया शोर: प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में हैलट अस्पताल किया गया रेफर
जेल सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जब आरोपी कैदी शशि रंजन मिश्रा गर्दन कटने के बाद बैरक के बाथरूम में तड़प रहा था, तभी अचानक वहाँ गए अन्य बंदियों की नजर उस पर पड़ी। चारों तरफ फैले खून और आरोपी को तड़पता देख बंदियों ने जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। बंदियों की आवाज सुनकर जेलकर्मी और सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में उसे गंभीर हालत में उर्सला अस्पताल ले गए। वहाँ डॉक्टरों द्वारा किए गए प्राथमिक उपचार के बाद भी जब खून का रिसाव नहीं रुका, तो उसकी गंभीर नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने के कारण फिलहाल आरोपी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
🪓 थाली को जमीन पर रगड़कर धीरे-धीरे बनाया धारदार हथियार: सफाई के बहाने वारदात को दिया अंजाम, जेल अधीक्षक का बयान
इस सुरक्षा चूक और घटना पर ब्योरा देते हुए जेल अधीक्षक ने बताया कि आरोपी शशि रंजन मिश्रा पिछले काफी समय से एक सोची-समझी साजिश के तहत बैरक में खाना खाने के लिए मिलने वाली सरकारी लोहे की थाली को जमीन और पत्थरों पर रगड़कर पैना (धारदार) कर रहा था। उसने रोज बैरक की सफाई करने के बहाने थाली के किनारों को धीरे-धीरे एक बेहद जानलेवा और धारदार हथियार में बदल दिया था। रविवार की दोपहर जब सभी कैदी आराम कर रहे थे, वह उसी धारदार थाली को कपड़ों में छुपाकर बाथरूम गया और अपनी गर्दन पर जोरदार वार कर लिया।
🧠 ‘सिर में आ रही थीं डरावनी आवाजें, लोग घेर रहे थे’: अस्पताल में होश आने पर आरोपी ने खुद को बताया डिप्रेशन का मरीज
अस्पताल के आईसीयू वार्ड में होश आने के बाद आरोपी शशि रंजन मिश्रा ने जेल प्रशासन और डॉक्टरों के सामने चौंकाने वाला दावा किया। उसने कहा कि वह लंबे समय से क्लिनिकल डिप्रेशन (Mental Depression) का गंभीर मरीज है और जेल के भीतर उसका उचित मानसिक इलाज नहीं चल रहा था। आरोपी ने अपनी मानसिक स्थिति बयां करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसे ऐसा अजीब महसूस हो रहा था कि उसके सिर में अजीबोगरीब और डरावनी आवाजें आ रही हैं और कई अदृश्य लोग उसे चारों तरफ से घेर रहे हैं। उसने आत्मघाती कदम पर सफाई देते हुए कहा कि रविवार को डिप्रेशन का तेज दौरा पड़ने के कारण उसे कुछ समझ नहीं आया और उसने यह कदम उठा लिया।
🩸 किदवई नगर के अपार्टमेंट में 19 अप्रैल की रात को क्या हुआ था? खुद पुलिस को फोन कर दिया था डबल मर्डर का सुराग
उल्लेखनीय है कि यह पूरी खौफनाक पृष्ठभूमि कानपुर के किदवई नगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट की है। यहाँ रहने वाले अमीर दवा व्यापारी शशि रंजन मिश्रा ने बीते 19 अप्रैल की खौफनाक रात को घरेलू विवाद के बाद अपनी सगी 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की सोते समय गर्दन रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद ही पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके अपने इस जघन्य अपराध की जानकारी दी थी और पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से ही कोर्ट के आदेश पर वह कानपुर जिला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद है। फिलहाल पुलिस जेल के भीतर धारदार वस्तु तैयार किए जाने के मामले की जांच कर रही है।


उत्तरप्रदेश




























