वृंदावन: श्रीकृष्ण और राधा रानी की भक्ति में लीन रहने वाले वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत श्रद्धेय प्रेमानंद जी महाराज की प्रसिद्ध प्रातःकालीन पदयात्रा एक बार फिर से बंद होने की खबर सामने आई है। इस खबर के सार्वजनिक होने के बाद से ही उनके लाखों भक्तों और अनुयायियों में चिंता और गहरी मायूसी का माहौल देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही विभिन्न पोस्ट और चर्चाओं के अनुसार, महाराज के स्वास्थ्य कारणों को ध्यान में रखते हुए उनकी इस पावन पदयात्रा को फिलहाल अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। हालांकि, आश्रम प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनके निकटतम सेवकों द्वारा इसे स्वास्थ्य संबंधी अनिवार्य कारणों से जुड़ा बताया जा रहा है।
🙏 दर्शन के लिए वृंदावन उमड़ते हैं लाखों श्रद्धालु: पिछले दो दिनों से महाराज के साक्षात दर्शन न होने से बढ़ी चिंता
राधा रानी के अनन्य भक्त और परम सेवक माने जाने वाले पूज्य प्रेमानंद महाराज के दुर्लभ दर्शन और उनके आध्यात्मिक प्रवचनों को सुनने के लिए प्रतिदिन देशभर के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। प्रतिदिन प्रातःकाल (ब्रह्म मुहूर्त) में आश्रम से निकलने वाली उनकी पदयात्रा में बड़ी संख्या में भक्त सड़कों के दोनों किनारे खड़े होकर उनके साक्षात दर्शन करते हैं और निहाल होते हैं। लेकिन, पिछले दो दिनों से महाराज की पदयात्रा न निकलने और उनके नियमित दर्शन न होने के कारण दूर-दूर से आए श्रद्धालु काफी व्याकुल और चिंतित दिखाई दे रहे हैं।
🩺 महाराज का स्वास्थ्य स्थिर, विशेष कारणों से लिया गया निर्णय: सेवकों ने भक्तों से संयम और प्रार्थना बनाए रखने की अपील की
जब इस पूरे विषय में आश्रम के आंतरिक सूत्रों और मुख्य सेवकों से गहन जानकारी जुटाई गई, तो भक्तों को राहत देने वाली बात सामने आई। सेवकों के मुताबिक, महाराज का स्वास्थ्य पूरी तरह स्थिर और ठीक है, लेकिन कुछ अन्य विशेष और अनिवार्य चिकित्सा परामर्शों के चलते, जिसमें मुख्य रूप से स्वास्थ्य सुरक्षा कारणों का ही हवाला दिया गया है, यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है। इन्हीं अनिवार्य कारणों के चलते प्रेमानंद महाराज वर्तमान में बाहरी पदयात्रा नहीं कर रहे हैं। सेवकों ने सभी श्रद्धालुओं से शांति बनाए रखने और महाराज की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करने की अपील की है।
यह खबर आपको कैसी लगी?


उत्तरप्रदेश




























