कोलकाता: पश्चिम बंगाल में रेल परियोजनाओं ने नई गति पकड़ ली है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने कोलकाता दौरे के दौरान राज्य के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब राज्य सरकार के साथ समन्वय बेहतर होने से जमीन अधिग्रहण और एनओसी (NOC) जैसी बाधाएं दूर हो रही हैं। रेल मंत्री ने बताया कि यूपीए सरकार के समय बंगाल को 4,000 करोड़ रुपये मिलते थे, जिसे बढ़ाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14,205 करोड़ रुपये कर दिया है।
🚅 6 घंटे में दिल्ली से सिलीगुड़ी: प्रधानमंत्री का ‘बुलेट ट्रेन’ प्लान
रेल मंत्री ने सबसे बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को जल्द ही बुलेट ट्रेन की सौगात मिलेगी। यह बुलेट ट्रेन दिल्ली से वाराणसी और पटना होते हुए सीधे सिलीगुड़ी तक चलेगी, जिससे यात्री मात्र 6 घंटे में दिल्ली से सिलीगुड़ी का सफर पूरा कर सकेंगे। इसके अलावा, कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई ‘नेक्स्ट जनरेशन’ ट्रेनें लाई जाएंगी। साथ ही, डानकुनी से सूरत तक ‘फ्रेट कॉरिडोर’ का काम शुरू किया जा रहा है, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा देगा।
🚉 अमृत भारत स्टेशन और वंदे भारत का विस्तार
बंगाल में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की रूपरेखा पेश करते हुए रेल मंत्री ने बताया कि राज्य में 102 नए ‘अमृत भारत स्टेशन’ विकसित किए जाएंगे, जिनमें से 10 पर काम पूरा हो चुका है। बंगाल पहले ही 9 वंदे भारत एक्सप्रेस और 13 अमृत भारत ट्रेनों का संचालन कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल का रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन 100% पूरा हो चुका है, जो राज्य में तेज गति से चलने वाली ट्रेनों के लिए एक मजबूत आधार है।
🗣️ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप: पिछली सरकार पर लगे विकास रोकने के आरोप
रेलवे परियोजनाओं की गति पर बोलते हुए रेल मंत्री और स्थानीय नेतृत्व ने पिछली तृणमूल सरकार की भूमिका पर तीखे सवाल उठाए। रेल मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने रेलवे के विकास को जानबूझकर बाधित किया था और मेट्रो रेल के लाभ को कोलकाता तक पहुंचने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया था। अब नई सरकार के साथ हुई हाई-प्रोफाइल मीटिंग में 62 रुके हुए प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिल गई है, जिससे यह उम्मीद है कि ‘डबल इंजन’ सरकार के साथ बंगाल में रेलवे का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
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