देवघर (झारखंड): आधुनिक दौर की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग धीरे-धीरे अपनी समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से दूर होते जा रहे हैं। विशेषकर युवा पीढ़ी में पौराणिक कथाओं और उनसे जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों को जानने के प्रति रुचि पहले की तुलना में कम होती दिखाई दे रही है। इस परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए, श्रावणी मेले के पावन अवसर पर देवघर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और विशेष रूप से युवाओं को अपनी धर्म-संस्कृति से पुनः जोड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।
👓 3D एनिमेशन और VRD तकनीक से जीवंत हुई बाबा बैद्यनाथ धाम की पौराणिक कथाएं
श्रावणी मेला क्षेत्र में 3D एनिमेशन के माध्यम से द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल बाबा बैद्यनाथ धाम की पौराणिक कथाओं, देवघर के पावन धार्मिक इतिहास तथा देवाधिदेव महादेव से जुड़ी गाथाओं का सजीव प्रदर्शन किया जा रहा है।
अत्यंत आधुनिक तकनीक से निर्मित इस विहंगम प्रस्तुति को देखकर श्रद्धालुओं को ऐसा अलौकिक अनुभव होता है, मानो वे इन पौराणिक घटनाओं को अपनी आंखों के सामने घटित होते हुए देख रहे हों। 3D एनिमेशन का यह विशेष शो युवाओं के साथ-साथ प्रत्येक आयु वर्ग के श्रद्धालुओं के मध्य भारी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
✨ श्रद्धालुओं में भारी उत्साह, 3D प्रस्तुति से आसान हुआ पौराणिक इतिहास को समझना
मेले में आए श्रद्धालुओं का कहना है कि इस अत्याधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से गूढ़ धार्मिक कथाएं अत्यंत कम समय में सरलता से समझ में आ जाती हैं और लंबे समय तक स्मृतियों में बनी रहती हैं।
उनका मानना है कि पारंपरिक पुस्तकों या टेलीविजन की तुलना में 3D और वीआर (VR) प्रस्तुति अत्यधिक प्रभावशाली सिद्ध हो रही है, जिससे नई पीढ़ी अपनी प्राचीन संस्कृति, अगाध आस्था और समृद्ध परंपराओं को बेहतर ढंग से आत्मसात कर पा रही है।
💬 “नई पीढ़ी को अपनी आस्था और संस्कृति से जोड़ना मुख्य उद्देश्य”: सौरभ कुमार भुवानिया, उपायुक्त देवघर
“इस वर्ष श्रावणी मेले में 3D एनिमेशन सेवा का व्यापक विस्तार किया गया है। इसका मुख्य ध्येय आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी को बाबा बैद्यनाथ धाम की महान धार्मिक विरासत और भगवान शिव से जुड़ी पौराणिक कथाओं से जोड़ना है, ताकि युवा वर्ग अपनी संस्कृति, समृद्ध परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को अधिक गहराई से जान और समझ सके।”
उल्लेखनीय है कि इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली का नाम ‘वर्चुअल रियलिटी डिवाइस’ (VRD) है।🥽 क्या है वर्चुअल रियलिटी डिवाइस (VRD) और कैसे करती है काम?
यह एक विशेष प्रकार का हेडसेट अथवा चश्मा होता है, जिसे आंखों पर धारण करने के उपरांत श्रद्धालु 3D फॉर्मेट में 360-डिग्री दृश्यों के साथ संपूर्ण पौराणिक कथा का सजीव आनंद लेते हैं और उसकी ऑडियो गाथा सुनते हैं। प्रशासन का यह प्रयोग श्रावणी मेले में आने वाले कांवरियों और पर्यटकों के लिए एक स्मरणीय अनुभव बन गया है।
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