शिवपुरी (मध्य प्रदेश): पिछोर एसडीएम कार्यालय के सामने बनी पानी की टंकी पर अपनी मांगों को लेकर चढ़ा एक युवक लगभग 20 घंटे बीत जाने के बाद भी नीचे नहीं उतरा है। भौंती मनपुरा निवासी दिनेश सगर गुरुवार दोपहर को टंकी पर चढ़ा था और शुक्रवार सुबह 11 बजे तक उसका हाई वोल्टेज ड्रामा लगातार जारी रहा। युवक के हाथ में पेट्रोल की बोतल होने की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले की चिंता बढ़ गई है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार लाउडस्पीकर और परिजनों के जरिए उसे सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
🚶♂️ 22 दिवसीय जन-जागरूकता यात्रा की अनुमति न मिलने से था नाराज
युवक के विरोध और कदम उठाने की मुख्य वजह:
अनुमति का आवेदन: दिनेश सगर ने 19 अगस्त को पिछोर एसडीएम को आवेदन सौंपकर विधानसभा क्षेत्र में 22 दिवसीय ‘शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक परिवर्तन जागरूकता यात्रा’ निकालने की आधिकारिक अनुमति मांगी थी।
तय समय पर फैसला नहीं: युवक के अनुसार यात्रा 20 अगस्त से शुरू की जानी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से स्थिति स्पष्ट न होने और अनुमति न मिलने से नाराज होकर वह गुरुवार दोपहर अचानक टंकी पर चढ़ गया।
मौके पर भारी भीड़: घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम कार्यालय के बाहर सैकड़ों स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।
व्यवस्था पर उठाए गए प्रमुख आरोप:📚 ‘बेटी को किताबें नहीं मिलीं, मिड-डे मील खराब’: सरकारी स्कूलों की बदहाली पर सवाल
अधूरी किताबें और पढ़ाई: ग्रेजुएट दिनेश सगर ने बताया कि उसकी बेटी मनपुरा के सरकारी स्कूल में कक्षा 6वीं की छात्रा है। शैक्षणिक सत्र आधा बीतने के बावजूद उसे अब तक सभी विषयों की पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं।
मध्याह्न भोजन में गड़बड़ी: उसने स्कूलों में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति व कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
सामाजिक अभियान का फैसला: दिनेश का कहना है कि जब उसकी बेटी इस बदहाली से जूझ रही है, तो पूरे अंचल के बच्चों की यही स्थिति होगी; इसी पीड़ा के चलते उसने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का फैसला लिया था।
टंकी से युवक का बयान और मौके की स्थिति:📢 ‘कानून के दायरे में यात्रा का लक्ष्य’: पेट्रोल की बोतल से बढ़ी सुरक्षा चिंता
जागरूकता का उद्देश्य: टंकी पर चढ़े दिनेश सगर का दावा है कि इस यात्रा का मकसद युवाओं और छात्र-छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुधारों के प्रति जागरूक करना था और इसमें कोई भी गैर-कानूनी काम शामिल नहीं था।
सुरक्षा को लेकर अलर्ट: युवक के पास पेट्रोल से भरी बोतल होने की बात सामने आने पर पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पूरी तरह मुस्तैद हो गई और रातभर समझाइश का दौर चलता रहा।
प्रशासनिक पक्ष और आधिकारिक बयान:🏛️ ‘संस्थानों के निरीक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती’: पिछोर SDM ममता शाक्य
प्रशासन का तर्क: पिछोर एसडीएम ममता शाक्य ने स्पष्ट किया कि युवक ने लगभग 25 दिनों तक सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य शासकीय संस्थानों के आधिकारिक निरीक्षण की अनुमति मांगी थी।
अनुमति से इनकार: नियमों के तहत किसी निजी व्यक्ति को सरकारी संस्थानों के निरीक्षण की अनुमति नहीं दी जा सकती, इसलिए आवेदन को खारिज किया गया था।
दबाव बनाने का प्रयास: एसडीएम ने कहा कि युवक अनुमति पाने के लिए प्रशासन पर अनुचित दबाव बनाने के उद्देश्य से टंकी पर चढ़ा है। फिलहाल उसे समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिशें जारी हैं।
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