गिरिडीह (झारखंड): गिरिडीह के शहरी क्षेत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक अमले और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच भारी तनाव व हंगामा देखने को मिला।
प्रशासन द्वारा अनुमति पत्र न होने का हवाला देकर भाजपा नेताओं को पुतला दहन करने से रोका गया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भाजपा समर्थकों से पुतला छीन लिया, जिसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
⚔️ अनुमति पत्र मांगने पर भड़के कार्यकर्ता, प्रशासन ने छीना पुतला
घटनाक्रम और टकराव का मुख्य विवरण:
अनुमति पत्र पर विवाद: प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचते ही भाजपा नेताओं से कार्यक्रम का अनुमति पत्र (Permission Letter) दिखाने को कहा।
नेताओं का पलटवार: भाजपा नेताओं ने कड़ा विरोध जताते हुए सवाल किया कि क्या प्रशासन सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के हर कार्यक्रम के लिए भी इसी तरह अनुमति पत्र मांगता है।
पुतला छीना-झपटी: इस बहस के दौरान माहौल गरमा गया और पुलिसकर्मियों ने भाजपा समर्थकों के हाथों से पुतला छीन लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की हुई और भाजपा ने इसे सरकार की तानाशाही करार दिया।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक लामबंदी:🚩 छात्रों पर हुए हमले के विरोध में झंडा मैदान पहुंचे थे नेता, पुलिस बल ने घेरा
छात्रों से मारपीट का विरोध: शुक्रवार को झंडा मैदान में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और जेएमएम समर्थकों के बीच हुई झड़प व मारपीट के विरोध में भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों ने यह विरोध प्रदर्शन तय किया था।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी: भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय, भाजयुमो जिलाध्यक्ष मिथुन चंद्रवंशी सहित कई प्रमुख नेता कार्यकर्ताओं के साथ झंडा मैदान पहुंचे थे।
प्रशासनिक अमला तैनात: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीओ धीरेंद्र कुमार, सदर एसडीपीओ जीत वाहन उरांव, डीएसपी नीरज कुमार सिंह, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह और पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
नेताओं के प्रमुख बयान और आरोप:💬 ‘तानाशाही नहीं चलेगी’: भाजपा नेताओं ने की हमलावरों की गिरफ्तारी और CBI जांच की मांग
रंजीत राय (भाजपा जिलाध्यक्ष): “शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे निर्दोष छात्रों पर जेएमएम समर्थकों द्वारा जानलेवा हमला किया गया। हम हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं।”
प्रो. विनिता व छात्र नेता: “छात्र संगठन के साथ मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से पुतला दहन करने आए नेताओं को प्रशासन ने जबरन रोका और नजरबंद किया। हम भर्ती परीक्षाओं में धांधली की सीबीआई (CBI) जांच की मांग पर अडिग हैं।”
सिकंदर हेंब्रम व चुन्नूकांत (अधिवक्ता संघ सचिव): “हेमंत सोरेन सरकार का तानाशाही रवैया लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है; शांतिपूर्ण जनआंदोलनों को पुलिस बल के दम पर दबाया नहीं जा सकता।”
प्रशासनिक रुख और अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन:🛑 रोक के बावजूद टावर चौक और अंबेडकर चौक पर फूंका पुतला, जिलाध्यक्ष समेत कई हिरासत में
एसडीएम का बयान: सदर एसडीएम धीरेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि पुतला दहन कार्यक्रम की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई थी और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
विभिन्न चौराहों पर दहन: प्रशासन की सख्ती के बावजूद भाजपा कार्यकर्ताओं, आजसू छात्र संघ और एबीवीपी (ABVP) ने रणनीति बदलते हुए शहर के टावर चौक, अंबेडकर चौक और जारसंध चौक पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
नेताओं को लिया हिरासत में: कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष रंजीत राय समेत कुछ प्रमुख नेताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया है।
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