रांची (झारखंड): रक्षाबंधन पर्व से पूर्व झारखंड सरकार ने राज्य की महिलाओं को बड़ा आर्थिक उपहार दिया है। ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ के अंतर्गत रांची जिले की 3 लाख 95 हजार 692 पात्र लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में अगस्त महीने की सम्मान राशि का सफल भुगतान कर दिया गया है। प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के जरिए सीधे हस्तांतरित की गई है।
💰 जिले में कुल ₹98.92 करोड़ की राशि हस्तांतरित: आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा
योजना के तहत वित्तीय आवंटन और प्रभाव:
कुल हस्तांतरित राशि: रांची जिला प्रशासन के अनुसार, अगस्त माह के भुगतान चक्र में जिले की लाभुक महिलाओं के बैंक खातों में कुल 98 करोड़ 92 लाख 30 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर की गई है।
सशक्तिकरण का लक्ष्य: प्रशासन का स्पष्ट उद्देश्य इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।
रांची जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों में लाभार्थियों की संख्या:📊 प्रखंडवार लाभुकों के आंकड़े: कांके प्रखंड में सर्वाधिक 31,620 महिलाएं लाभान्वित
कांके प्रखंड: सबसे अधिक 31,620 लाभुक
टाउन अर्बन क्षेत्र: 26,042 लाभुक
मांडर: 23,008 लाभुक
सिल्ली: 21,335 लाभुक
बेड़ो: 20,620 लाभुक
रातू: 20,427 लाभुक
चान्हो: 19,374 लाभुक
नगड़ी: 18,345 लाभुक
नामकुम: 18,071 लाभुक
ओरमांझी: 17,898 लाभुक
बुढ़मू: 17,841 लाभुक
अनगड़ा: 16,796 लाभुक
हेहल शहरी क्षेत्र: 16,376 लाभुक
अरगोड़ा शहरी क्षेत्र: 13,406 लाभुक
सोनाहातू: 13,114 लाभुक
लापुंग: 11,866 लाभुक
इटकी: 10,152 लाभुक
बड़गाईं शहरी क्षेत्र: 10,124 लाभुक
(नोट: जिले के अन्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सभी पात्र बहनों के खातों में भी अगस्त माह की राशि भेज दी गई है।)
प्रशासनिक निगरानी और अधिकारियों को निर्देश:🏛️ ‘पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान प्राथमिकता’: रांची डीसी मंजूनाथ भजन्त्री
सशक्तिकरण की दिशा में कदम: रांची के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजन्त्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना नारी सम्मान और स्वावलंबन के लिए एक क्रांतिकारी पहल है।
कोई पात्र वंचित न रहे: उन्होंने कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पूरी पारदर्शिता और समय पर पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
नियमित समीक्षा: डीबीटी भुगतान की तकनीकी व प्रशासनिक स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी लाभार्थी को बैंक खाते में राशि प्राप्त करने में असुविधा न हो।
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