धनबाद (झारखंड): शहर के मध्य स्थित ऐतिहासिक (रणधीर वर्मा स्टेडियम) में डिजनीलैंड मेले के आयोजन की तैयारियों ने एक नए विवाद को जन्म दे दिया है।
मैदान में मेले के लिए नापी (मार्किंग) की प्रक्रिया शुरू होते ही स्थानीय निवासियों, खिलाड़ियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक दक्षता (फिजिकल टेस्ट) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया है। नागरिकों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मेले को किसी अन्य वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मैदान केवल आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धनबादवासियों के स्वास्थ्य, खेल गतिविधियों और सेना व पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के दैनिक अभ्यास का मुख्य केंद्र है।
🏃♂️ पुलिस व डिफेंस भर्ती की तैयारी पर असर: अभ्यर्थियों ने डीसी को सौंपा ज्ञापन
विरोध और ज्ञापन के प्रमुख बिंदु:
फिजिकल ट्रेनिंग प्रभावित होने की चिंता: स्थानीय निवासी अभय कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रतिदिन सैकड़ों युवा पुलिस, अर्धसैनिक बलों और रेलवे भर्ती की दौड़ व फिटनेस ट्रेनिंग के लिए इस ग्राउंड का उपयोग करते हैं।
मैदान में जगह की कमी: मेले के स्ट्रक्चर और स्टॉल लगने से मैदान का अधिकांश हिस्सा कई हफ्तों तक घिर जाता है, जिससे खेल और मॉर्निंग वॉक के लिए जगह नहीं बचती।
कचरा व सतह खराब होने का डर: आयोजन के दौरान भारी भीड़ के कारण मैदान में गंदगी फैलती है और ग्राउंड की रनिंग ट्रैक की सतह खराब हो जाती है, जिसे सामान्य होने में महीनों का समय लगता है।
समाधान और नागरिकों का सुझाव:📍 दूसरे स्थान पर मेला लगाने की मांग: ‘रोजगार भी चले और अभ्यास भी न रुके’
वैकल्पिक स्थलों का सुझाव: विरोध कर रहे नागरिकों ने स्पष्ट किया कि वे मेले से मिलने वाले रोजगार या मनोरंजन के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उनका आग्रह है कि शहर के अन्य खुले मैदानों को इसके लिए चुना जाए।
संतुलित व्यवस्था: इससे मेले से जुड़े छोटे व्यापारियों और दुकानदारों का रोजगार भी निर्बाध रूप से चलेगा और शहर के खिलाड़ियों व अभ्यर्थियों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और रणनीति:⚖️ डीसी आदित्य रंजन का रुख: ‘वैकल्पिक मैदानों को चिन्हित कर रहा है प्रशासन’
संज्ञान में आया मामला: धनबाद के उपायुक्त (DC) आदित्य रंजन ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) के साथ समीक्षा बैठक की गई है।
रोजगार और खेल दोनों प्राथमिकता: डीसी ने स्पष्ट किया कि मेले से जुड़े छोटे कारोबारियों, कारीगरों और वेंडर्स की आजीविका भी महत्वपूर्ण है, लेकिन खेलकूद और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी।
नए मैदानों की तलाश: प्रशासन शहर के अन्य उपयुक्त मैदानों को चिन्हित कर रहा है, ताकि मेले का सफल आयोजन वैकल्पिक स्थल पर कराया जा सके और गोल्फ ग्राउंड को खेल व स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
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