लखनऊ (उत्तर प्रदेश): राजधानी लखनऊ में हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेन्द्र प्रताप सिंह का शव बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है। सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र से शनिवार को अचानक लापता हुए धीरेन्द्र प्रताप सिंह की तलाश में पुलिस की कई विशेष टीमें लगी हुई थीं। कई घंटों की सघन खोजबीन के बाद उनका शव दुबग्गा क्षेत्र स्थित नहर से बरामद किया गया। प्राथमिक दृष्टया गोली मारकर हत्या किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का आधिकारिक खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
👤 उन्नाव के रहने वाले थे धीरेन्द्र सिंह: मिली हुई थी सरकारी सुरक्षा
मृतक की पृष्ठभूमि और गुमशुदगी:
मूल निवासी: मृतक धीरेन्द्र प्रताप सिंह मूल रूप से उन्नाव जिले के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेपुर गांव के निवासी थे।
संगठन में पद: वह हिंदू युवा वाहिनी में मंडल प्रभारी के दायित्व पर कार्यरत थे और जानकारी के अनुसार उन्हें प्रशासन की ओर से सरकारी सुरक्षा भी प्राप्त थी।
गुमशुदगी दर्ज: शनिवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद परिजनों द्वारा सुशांत गोल्फ सिटी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही उनकी खोजबीन जारी थी।
जांच और साक्ष्य संकलन:🔬 घटनास्थल पर पहुंची फॉरेंसिक और STF टीम: 2 संदिग्ध हिरासत में
वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा: शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी, स्थानीय पुलिस बल और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
एसटीएफ की एंट्री: मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम ने भी घटनास्थल का मुआयना कर तकनीकी साक्ष्य जुटाए।
संदिग्धों से पूछताछ: पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां लास्ट सीन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) के आधार पर कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
जांच के प्रमुख बिंदु:🤝 राजनीतिक संपर्कों और आपसी रंजिश के एंगल से भी हो रही पड़ताल
संपर्कों की पड़ताल: धीरेन्द्र प्रताप सिंह के विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं से संपर्कों को लेकर भी चर्चाएं हैं। बताया जाता है कि पूर्व में वह कुलदीप सिंह सेंगर के भी संपर्क में रहे थे।
हर पहलू की जांच: जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस हत्याकांड के पीछे कोई राजनीतिक रंजिश, आपसी लेन-देन या कोई निजी विवाद तो नहीं था।
पुलिसिया कार्रवाई की स्थिति:⚖️ पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव: रिपोर्ट के आधार पर होगी अगली कार्रवाई
पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया: पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को विधिवत पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, जिससे गोली लगने के समय और हत्या की स्पष्ट वजह की आधिकारिक पुष्टि हो सके।
आगे की कार्रवाई: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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