धनबाद। ऊंचाई वाले दुर्गम और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी तथा सुरक्षा अभियानों के लिए भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र ने बड़ी सफलता हासिल की है।
संस्थान के पूर्व छात्र सौरव सिंह और उनके को-फाउंडर द्वारा विकसित स्वदेशी ड्रोन ‘विजय जेड-1’ (Vijay Z-1) ने अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के हाई-एल्टीट्यूड ट्रायल के दौरान करीब 14 हजार फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर 1 घंटे 18 मिनट 26 सेकेंड तक लगातार उड़ान भरकर इतिहास रच दिया।
गौरतलब है कि भारतीय सेना की ओर से इस अत्यधिक ऊंचाई पर ड्रोन को लगातार 45 मिनट उड़ाने का कड़ा लक्ष्य रखा गया था, लेकिन ‘विजय जेड-1’ ने निर्धारित समय से काफी अधिक अवधि तक उड़ान भरकर अपनी अद्भुत क्षमता और मजबूती साबित की।
🎓 IIT ISM धनबाद के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप की उपलब्धि: माइनिंग इंजीनियर सौरव सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट
सौरव सिंह आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के 2020 बैच के मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में माइनिंग इंजीनियरिंग में एमटेक की डिग्री पूरी की थी।
वर्तमान में वह ‘जेनिथ अनमैंड सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड’ (Zenith Unmanned Systems Pvt. Ltd.) के को-फाउंडर हैं। वर्ष 2025 में शुरू हुआ यह इनोवेटिव स्टार्टअप आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के ‘सेंटर ऑफ इनोवेशन, इनक्यूबेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप’ (CIIE) में इनक्यूबेटेड है और देश की रक्षा जरूरतों के अनुरूप तकनीक विकसित कर रहा है।
⚙️ कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार 85% स्वदेशी ड्रोन: 1000 घंटे की ग्राउंड और क्रैश टेस्टिंग से गुजरा मॉडल
कंपनी ने अपने विशेष यूएवी (Unmanned Aerial Vehicle) को ‘विजय जेड-1’ नाम दिया है, जिसे बिना किसी पायलट के कठिन परिस्थितियों में दूर से संचालित किया जा सकता है। इसे विशेष रूप से अत्यधिक ऊंचाई, खराब मौसम और विषम भौगोलिक परिस्थितियों में प्रभावी निगरानी के लिए डिजाइन किया गया है।
अगस्त 2025: प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई और शुरुआती प्रोटोटाइप ने 100 मिनट से अधिक उड़ान भरी।
जून 2026: छठा और नवीनतम फाइनल वर्जन तैयार किया गया।
85% स्वदेशी सामग्री: ड्रोन का हल्का और मजबूत कार्बन-फाइबर फ्रेम टीम ने खुद तैयार किया है।
कड़ा परीक्षण: 1000 घंटे से अधिक की ग्राउंड टेस्टिंग और क्रैश टेस्टिंग पूरी की गई है।
विजय जेड-1 ने अलग-अलग ऊंचाइयों पर अपनी क्षमता साबित की है:📊 ऊंचाई बढ़ने पर भी बेजोड़ प्रदर्शन: 4200 मीटर ऑपरेशनल क्षमता और 40 किमी रेंज
सामान्य ऊंचाई पर: 2 घंटे 22 मिनट की उड़ान
12,000 फीट की ऊंचाई पर: 1 घंटे 20 मिनट 33 सेकेंड
14,000 फीट की ऊंचाई पर: 1 घंटे 18 मिनट 26 सेकेंड
इस ड्रोन की ऑपरेशनल ऊंचाई लगभग 4,200 मीटर है और इसकी रेंज 40 किलोमीटर तक है। महज 2.7 किलोग्राम वजनी यह ड्रोन पूरी तरह इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम पर काम करता है और वर्तमान में 500 ग्राम पेलोड ले जा सकता है (जिसे 1.2 किलोग्राम तक बढ़ाया जा सकता है)।
🌧️ बारिश और घने कोहरे के बीच सेला टॉप पर सफल ट्रायल: भारतीय सेना ने जताई खरीदने में रुचि
भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड ने 3 और 4 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश के हाई-एल्टीट्यूड बेस कैंप और ‘सेला टॉप’ के ऊपर विजय जेड-1 का कड़ा परीक्षण किया।
बारिश, कम तापमान और घने कोहरे के बावजूद ड्रोन ने अपनी बेहतरीन उड़ान क्षमता और स्थिरता का प्रदर्शन किया। इस सफल ट्रायल के बाद भारतीय सेना की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसे सेना में शामिल करने (Procurment) के लिए गहरी रुचि दिखाई गई है। फिलहाल सितंबर 2026 में इसका प्रोक्योरमेंट-लेवल वैलिडेशन टेस्टिंग चरण जारी है।
🇮🇳 ‘डिफेंस टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता जरूरी’: संस्थान और कंपनी का भविष्य का विज़न
सौरव सिंह का मानना है कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के लिए भारत को विदेशी मुल्कों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
आईआईटी (आईएसएम) के डीन (इनोवेशन एंड कॉरपोरेट रिलेशंस) प्रो. आलोक दास ने इसे संस्थान के स्टार्टअप इकोसिस्टम की बड़ी उपलब्धि बताया। वर्तमान में बूटस्ट्रैप्ड मॉडल पर काम कर रही यह कंपनी प्रति माह 90 ड्रोन बनाने में सक्षम है और जल्द ही हाइब्रिड प्रोपल्शन सिस्टम व कमर्शियल ट्रेनिंग ड्रोन मार्केट में लाने की तैयारी कर रही है।
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