हरियाणा के कैथल शहर थाना में एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ करनाल आईजी के एसए (सिक्योरिटी एजेंट) समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है. आरोपियों पर सेक्टर-21 हुडा में ई-नीलामी के जरिए प्लॉट दिलाने और उसमें 25 प्रतिशत हिस्सेदारी का लालच देकर करीब 17 लाख रुपए हड़पने का गंभीर आरोप है. पुलिस ने इस मामले में मदनलाल, कपिल शर्मा और मदनलाल के बेटे अजय के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
🤝 2. भरोसे का फायदा उठाकर ई-नीलामी में पार्टनरशिप का झांसा, 1.80 करोड़ के प्लॉट डील के नाम पर की गई पैसों की ठगी
शिकायतकर्ता अमित सिकरी के अनुसार, आरोपी मदनलाल उनका पड़ोसी है और पारिवारिक संबंधों के चलते वे उस पर विश्वास करते थे. मदनलाल ने हुडा अधिकारियों से अच्छी सेटिंग होने और बाजार भाव से कम दाम में प्लॉट दिलाने का भरोसा देकर उन्हें ई-नीलामी में निवेश के लिए राजी किया था. इसके बाद प्लॉट नंबर 1373 में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की बात कहकर किस्तों में ऑनलाइन और नकद के जरिए कुल 17 लाख रुपए से अधिक की रकम ऐंठ ली गई.
🔍 3. हुडा कार्यालय में जांच के दौरान फर्जी निकली रसीद, रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने दी झूठे केस में फंसाने की धमकी
जब शिकायतकर्ताओं ने जून 2026 में हुडा कार्यालय जाकर मामले की असलियत जानी, तो खुलासा हुआ कि विभाग में जरूरी राशि जमा ही नहीं कराई गई थी. इसके बाद आरोपियों ने जो रसीद दी, वह भी पंचकूला हुडा कार्यालय से सत्यापन करवाने पर फर्जी पाई गई. जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने पहले टालमटोल किया और बाद में पुलिस विभाग में अपनी पहुंच का धौंस दिखाकर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी. पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है.
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