चंडीगढ़: कृषि जोन में औद्योगिक गतिविधि शुरू करने के लिए चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) की मंजूरी लेने वाले जमीन मालिकों के लिए रास्ते की चौड़ाई को लेकर प्रक्रिया अब अधिक स्पष्ट कर दी गई है। यदि प्रस्तावित औद्योगिक साइट के सामने 33 फुट चौड़ा वैध रास्ता उपलब्ध नहीं है तो केवल इसी कमी के कारण सीएलयू का रास्ता बंद नहीं होगा। जमीन मालिक अपनी निजी जमीन का आवश्यक हिस्सा ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर 33 फुट चौड़ा सेल्फ-मेड पंचायती रास्ता तैयार कर सकता है।
📝 2. आवेदन से पहले ग्राम पंचायत के पक्ष में जमीन का हस्तांतरण अनिवार्य, फाइल लगाने के बाद नहीं मिलेगा यह विकल्प
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इस संबंध में प्रक्रिया और जमीन हस्तांतरण का क्रम स्पष्ट किया है। नई व्यवस्था में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रास्ते की कमी पूरी करने के लिए जमीन का हस्तांतरण सीएलयू आवेदन करने से पहले ग्राम पंचायत के पक्ष में करना अनिवार्य होगा। यानी सीएलयू की फाइल लगाने के बाद रास्ते के लिए जमीन पंचायत को देने का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा।
📏 3. जितनी कमी, उतनी निजी जमीन देनी होगी पंचायत को; आगे सार्वजनिक सड़क नेटवर्क से जुड़ा होना भी जरूरी
किसी औद्योगिक साइट तक पहुंचने वाला मौजूदा रास्ता यदि 33 फुट से कम चौड़ा है तो उसकी कमी निजी जमीन देकर पूरी की जा सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी जमीन से तैयार किया गया 33 फुट चौड़ा पंचायती रास्ता आगे कम से कम 33 फुट चौड़े वैध राजस्व रास्ते या सार्वजनिक सड़क से जुड़ा होना भी जरूरी है, ताकि आवागमन सुचारू रह सके।
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