गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। पीरटांड थाना क्षेत्र के मंडरडीह (लेढवा) गांव में मंगलवार रात झुंड से बिछड़े एक अकेले हाथी ने भारी तबाही मचाई। हाथी ने रात के अंधेरे में एक बुजुर्ग दंपती को रौंद दिया। इस हृदयविदारक हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी 65 वर्षीय पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं।
🏥 शौच के लिए निकले थे दृष्टिहीन बुजुर्ग: नाती ने सदर अस्पताल पहुँचाया
मृतक की पहचान स्थानीय निवासी मंगरा मांझी (70 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि उनकी घायल पत्नी का नाम बड़की देवी (65 वर्ष) है।
घटना के संबंध में मृतक के नाती मनीष सोरेन ने बताया कि उनके नाना मंगरा मांझी दृष्टिहीन (आंखों से लाचार) थे। मंगलवार रात को जब उन्हें शौच की आवश्यकता हुई, तो नानी बड़की देवी उन्हें सहारा देकर बाहर ले गईं। इसी दौरान अचानक झाड़ियों से निकले हाथी ने दोनों पर हमला कर दिया और उन्हें कुचल दिया। परिजनों द्वारा दोनों को तत्काल गिरिडीह सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने मंगरा मांझी को मृत घोषित कर दिया।
🌲 झुंड से बिछड़ा हाथी क्षेत्र में मचा रहा उत्पात: थाना प्रभारी ने की पुष्टि
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पीरटांड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि झुंड से बिछड़कर एक अकेला हाथी क्षेत्र में लगातार भटक रहा है और उसी ने इस दुखद वारदात को अंजाम दिया है। परिजनों का कहना है कि हाथियों की संख्या 5 से 6 थी, हालांकि पुलिस और प्रशासन का दावा है कि हमला करने वाला हाथी अकेला है।
📢 वन विभाग के दावों की खुली पोल: ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश
इस घटना के बाद वन विभाग (Forest Department) की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पिछले कई दिनों से पीरटांड और पारसनाथ के जंगलों में हाथियों का समूह सक्रिय था। कुछ ही दिनों पहले वन विभाग की टीम ने दावा किया था कि सभी हाथियों को खदेड़कर पारसनाथ क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया है। विभाग के इस दावे के बावजूद मंगलवार रात हुई इस दुखद घटना ने वन महकमे की पोल खोलकर रख दी है। फिलहाल वन विभाग की गश्ती टीम हाथी को खदेड़ने के प्रयास में जुटी है।
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