जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती पुंछ और राजौरी जिलों में आतंकवाद के समूल खात्मे के लिए सुरक्षा बलों ने 29 सितंबर को एक व्यापक व समन्वित सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। दोनों संवेदनशील जिलों के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित एक दर्जन से अधिक संभावित ठिकानों पर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा एक साथ घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सैन्य सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से आतंकियों की आवाजाही और उन्हें शरण व संसाधन मुहैया कराने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के संबंध में पुख्ता इनपुट प्राप्त हुए थे।
सूचना की पुष्टि होते ही भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस (SOG) और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। इस महाअभियान के तहत संदिग्ध मकानों, प्राकृतिक गुफाओं और घने जंगलों से सटे संवेदनशील इलाकों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी आतंकी गतिविधि को समय रहते निष्प्रभावी किया जा सके।
🌲 दुर्गम भूगोल और घने जंगलों में सुरक्षाबलों की चौकसी: राजौरी-पुंछ में बढ़ा ऑपरेशन का दायरा
भौगोलिक चुनौतियां और सुरक्षा बलों की रणनीति:
संवेदनशील इलाका: नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे होने के कारण पुंछ और राजौरी जिले रणनीतिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं।
पहाड़ी रास्तों का इस्तेमाल: आतंकी संगठन लंबे समय से यहां की दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और प्राकृतिक छिपने की जगहों का दुरुपयोग कर अपनी गतिविधियां संचालित करने की फिराक में रहते हैं।
घेराबंदी का विस्तार: आतंकियों की किसी भी घुसपैठ या हमले की साजिश को पूरी तरह नाकाम करने के उद्देश्य से सुरक्षा बलों ने अभियान का दायरा बढ़ाते हुए प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त चौकियां और नाके स्थापित कर दिए हैं।
सक्रिय आतंकियों का नेटवर्क और सुरक्षा एजेंसियों का डेटा:🎯 25 दुर्दांत आतंकियों की तलाश में महाअभियान: 21 पाकिस्तानी और 4 स्थानीय आतंकी रडार पर
सक्रिय आतंकियों की संख्या: हालिया खुफिया समीक्षा के अनुसार, जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों में करीब 25 आतंकी सक्रिय हैं, जिनमें 21 पाकिस्तानी और 4 स्थानीय दहशतगर्द शामिल हैं।
जंगलों में व्यापक तलाशी: सुरक्षा बल कठुआ के जंगलों से लेकर उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और पुंछ तक के विशाल वन क्षेत्रों में इनकी धरपकड़ के लिए निरंतर कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रहे हैं।
पुराने नेटवर्क की पहचान: चिन्हित चार स्थानीय आतंकियों में से तीन हिज्बुल मुजाहिदीन के पुराने कमांडर हैं, जिनमें किश्तवाड़ क्षेत्र में सक्रिय जहांगीर सरूरी और उसका गिरोह शामिल है। वहीं, चौथा स्थानीय आतंकी ‘निक्कू’ कठुआ और उधमपुर के मध्यवर्ती पहाड़ी इलाकों में सक्रिय बताया जा रहा है।
इस वर्ष सुरक्षा बलों की उपलब्धियां और मुठभेड़ों का ब्यौरा:⚔️ साल 2026 में आतंकवाद पर करारी चोट: 15 से अधिक आतंकवादी किए गए ढेर
लगातार चलाए गए अभियान: वर्ष 2026 में जम्मू-कश्मीर के भीतर आतंकियों और उनके पूरे तंत्र को ध्वस्त करने के लिए निरंतर बड़े स्तर पर सैन्य अभियान चलाए गए हैं।
मुठभेड़ों में सफलता: 1 जनवरी से 22 सितंबर 2026 के मध्य जम्मू संभाग, कश्मीर घाटी और एलओसी पर चलाए गए अभियानों में घुसपैठ को नाकाम करते हुए अब तक कम से कम 15 आतंकियों को मार गिराया गया है।
जैश कमांडर अबू माविया का खात्मा: साल के आरंभ में ही 23 जनवरी को कठुआ जिले के बिलावर स्थित परहेतर इलाके में सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त अभियान के दौरान जैश-ए-मोहम्मद के दुर्दांत पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ अबू माविया को मुठभेड़ में मार गिराकर बड़ी आतंकी साजिश को विफल किया था।
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