नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित एक गरबा और डांडिया कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक उत्सव का माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया, जब कार्यक्रम में विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। सिविल लाइन स्थित हॉकी मैदान में ‘दुर्गा नवनिर्माण समिति’ की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में शहरवासी शामिल हुए थे। रंग-बिरंगी रोशनी और गरबा धुनों के बीच जब कार्यक्रम चल रहा था, तभी विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में विशेष समुदाय के युवकों की उपस्थिति और फिल्मी गानों के प्रसारण को लेकर कड़ा विरोध जताया। देखते ही देखते आयोजकों और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस और झूमाझटकी शुरू हो गई।
🚫 लव जिहाद की आशंका और मर्यादा का हवाला: VHP ने जताई आपत्ति, पुलिस के पहुंचने से पहले लौटे प्रदर्शनकारी
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के जिला महामंत्री रामलोचन तिवारी के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने गरबा पंडाल में सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे आयोजनों में विशेष समुदाय के युवकों का प्रवेश उचित नहीं है और इससे लव जिहाद जैसी आशंकाएं बढ़ती हैं। विरोध के दौरान समिति के संरक्षक और दुर्ग के पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल तथा प्रदर्शनकारियों के बीच गरमागरम बहस हो गई, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, हंगामे की सूचना मिलते ही जब तक पुलिस बल पहुंचता, प्रदर्शनकारी वहां से जा चुके थे।
🎉 भव्य आयोजन के बीच राजनीतिक चर्चा: मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए डॉ. हिमांशु द्विवेदी
विवाद के बावजूद आयोजकों का कहना है कि इस तीन दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को एक सुरक्षित और पारिवारिक माहौल प्रदान करना था। दुर्गा नवनिर्माण समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. हिमांशु द्विवेदी अपनी धर्मपत्नी के साथ शामिल हुए, जिन्हें समिति द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान रुंगटा कॉलेज के डायरेक्टर संजय रुंगटा समेत कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। बहरहाल, इस विरोध प्रदर्शन और हंगामे ने शहर में गरबा आयोजनों की सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
यह खबर आपको कैसी लगी?


छत्तीसगढ़
















