इंदौर: मध्य प्रदेश की सियासत में ‘पति, पत्नी और वो’ के त्रिकोणीय मामले ने अचानक एक नया और नाटकीय मोड़ ले लिया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के ऊपर गंभीर इल्जाम मढ़ने वाली महिला ने महज 24 घंटों के भीतर ही अपने बयानों से पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है। करवा चौथ के पावन पर्व से ठीक एक दिन पहले मंत्री नागर सिंह चौहान से अपना संबंध होने का दावा करने वाली रश्मि सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपना एक और नया वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया। इस ताजा वीडियो में उन्होंने अपनी बात बदलते हुए कहा कि मंत्री नागर सिंह चौहान उनके पति नहीं हैं, अलबत्ता उनके साथ उनके संबंध अच्छे जरूर हैं। इससे पहले अलीराजपुर जिले की रहने वाली रश्मि सिंह चौहान ने एक लिखित पत्र और वीडियो के माध्यम से सनसनीखेज दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि वह अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान के साथ पिछले 20 वर्षों से रिश्ते में हैं और अपना बाकी का जीवन उन्हीं के साथ बिताना चाहती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मंत्री की पत्नी, जो कि रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से सांसद हैं, उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। महिला का यह भी कहना था कि सांसद अनीता चौहान द्वारा उनके बेटे को अभद्र शब्द कहे गए थे, जिसके कारण उनका बेटा घर छोड़कर चला गया था। रश्मि सिंह ने अपने पहले वायरल वीडियो में यह चेतावनी भी दी थी कि वह करवा चौथ के दिन सीधे नागर सिंह चौहान के पास जा रही हैं और यदि इस दौरान उनके साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सांसद अनीता चौहान की होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक पत्र में उन्होंने मांग की थी कि उन्हें नागर सिंह चौहान की पत्नी का दर्जा और अधिकार दिलाया जाए। जैसे ही यह वीडियो और पत्र राजनीतिक गलियारों में पहुंचे, भूचाल सा आ गया। हालांकि, तयशुदा बात के विपरीत महिला करवा चौथ के दिन मंत्री से मिलने नहीं पहुंची। अपने पहले बयानों से पूरी तरह पलटते हुए शुक्रवार को रश्मि सिंह चौहान ने सफाई दी कि वह मंत्री की पत्नी नहीं हैं, हालांकि उनके साथ उनके रिश्ते अच्छे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वायरल हुआ वह पत्र और पुराना वीडियो उन्होंने ही बनाया था, लेकिन उस समय वह गंभीर मानसिक तनाव यानी डिप्रेशन के दौर से गुजर रही थीं। हालांकि, उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर कैसे लीक हुआ और वायरल हो गया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद मंत्री नागर सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और इन्हें सरासर झूठ करार दिया। उनका कहना था कि वह इस महिला को भली-भांति जानते तक नहीं हैं। वहीं, सांसद अनीता सिंह चौहान ने भी अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी उक्त महिला को कोई फोन कॉल नहीं किया है और उन पर लगाए जा रहे तमाम आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं।
अलीराजपुर की रश्मि सिंह ने पहले लगाया था मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप
करवा चौथ पर मिलने जाने और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का दावा हुआ था वायरल
शुक्रवार को वीडियो जारी कर आरोपों से पलटीं रश्मि सिंह चौहान, कहा- डिप्रेशन में था मानसिक संतुलन
मंत्री नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता चौहान ने सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद

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इंदौर: मध्य प्रदेश की सियासत में ‘पति, पत्नी और वो’ के त्रिकोणीय मामले ने अचानक एक नया और नाटकीय मोड़ ले लिया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के ऊपर गंभीर इल्जाम मढ़ने वाली महिला ने महज 24 घंटों के भीतर ही अपने बयानों से पूरी तरह यू-टर्न ले लिया है। करवा चौथ के पावन पर्व से ठीक एक दिन पहले मंत्री नागर सिंह चौहान से अपना संबंध होने का दावा करने वाली रश्मि सिंह चौहान ने शुक्रवार को अपना एक और नया वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया। इस ताजा वीडियो में उन्होंने अपनी बात बदलते हुए कहा कि मंत्री नागर सिंह चौहान उनके पति नहीं हैं, अलबत्ता उनके साथ उनके संबंध अच्छे जरूर हैं।
अलीराजपुर की रश्मि सिंह ने पहले लगाया था मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप
इससे पहले अलीराजपुर जिले की रहने वाली रश्मि सिंह चौहान ने एक लिखित पत्र और वीडियो के माध्यम से सनसनीखेज दावे किए थे। उन्होंने कहा था कि वह अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान के साथ पिछले 20 वर्षों से रिश्ते में हैं और अपना बाकी का जीवन उन्हीं के साथ बिताना चाहती हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मंत्री की पत्नी, जो कि रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से सांसद हैं, उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही हैं। महिला का यह भी कहना था कि सांसद अनीता चौहान द्वारा उनके बेटे को अभद्र शब्द कहे गए थे, जिसके कारण उनका बेटा घर छोड़कर चला गया था।
करवा चौथ पर मिलने जाने और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का दावा हुआ था वायरल
रश्मि सिंह ने अपने पहले वायरल वीडियो में यह चेतावनी भी दी थी कि वह करवा चौथ के दिन सीधे नागर सिंह चौहान के पास जा रही हैं और यदि इस दौरान उनके साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी सांसद अनीता चौहान की होगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक पत्र में उन्होंने मांग की थी कि उन्हें नागर सिंह चौहान की पत्नी का दर्जा और अधिकार दिलाया जाए। जैसे ही यह वीडियो और पत्र राजनीतिक गलियारों में पहुंचे, भूचाल सा आ गया। हालांकि, तयशुदा बात के विपरीत महिला करवा चौथ के दिन मंत्री से मिलने नहीं पहुंची।
शुक्रवार को वीडियो जारी कर आरोपों से पलटीं रश्मि सिंह चौहान, कहा- डिप्रेशन में था मानसिक संतुलन
अपने पहले बयानों से पूरी तरह पलटते हुए शुक्रवार को रश्मि सिंह चौहान ने सफाई दी कि वह मंत्री की पत्नी नहीं हैं, हालांकि उनके साथ उनके रिश्ते अच्छे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वायरल हुआ वह पत्र और पुराना वीडियो उन्होंने ही बनाया था, लेकिन उस समय वह गंभीर मानसिक तनाव यानी डिप्रेशन के दौर से गुजर रही थीं। हालांकि, उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर कैसे लीक हुआ और वायरल हो गया, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
मंत्री नागर सिंह चौहान और सांसद अनीता चौहान ने सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद
इस पूरे विवाद के सामने आने के बाद मंत्री नागर सिंह चौहान ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और इन्हें सरासर झूठ करार दिया। उनका कहना था कि वह इस महिला को भली-भांति जानते तक नहीं हैं। वहीं, सांसद अनीता सिंह चौहान ने भी अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी उक्त महिला को कोई फोन कॉल नहीं किया है और उन पर लगाए जा रहे तमाम आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं।



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